जबलपुर स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा, RPF ने लावारिस वाहनों को लेकर चलाया अभियान

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जबलपुर| मध्य प्रदेश के प्रमुख जबलपुर रेलवे स्टेशन की वाहन पार्किंग में काफी लंबे समय से कुछ लावारिस वाहन खड़े हुए हैं, जिन्होंने अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की चिंताओं को काफी बढ़ा दिया है। ये वाहन आखिरकार किसके हैं, कहाँ से यहाँ आए हैं, और इनका इस्तेमाल किस तरह की गतिविधियों में किया गया है, ऐसे कई गंभीर और महत्वपूर्ण सवाल अब खड़े हो रहे हैं।

यही मुख्य वजह रही कि जबलपुर आरपीएफ की तरफ से इन सभी लावारिस वाहनों को चिन्हित करते हुए एक विशेष 'एंटी सबोटेज जाँच अभियान' की शुरुआत की गई है। रेल यात्रा करने वाले सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहें, इसी मुख्य उद्देश्य के तहत आरपीएफ द्वारा यह सख्त और एहतियाती कदम उठाया गया है।

डॉग स्क्वॉड की मदद से ली गई सघन तलाशी

चलाए गए इस एंटी सबोटेज जाँच अभियान के तहत जबलपुर आरपीएफ की विशेष टीम ने निरीक्षक राजीव खरब और सब-इंस्पेक्टर (SI) प्रवीण कुमार के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 और प्लेटफार्म नंबर 6 पर बनी हुई वाहन पार्किंग में बेहद सघन जाँच-पड़ताल की। इस दौरान सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ 'डॉग स्क्वॉड' (श्वान दल) की मदद भी विशेष रूप से ली गई। जाँच के दौरान राहत की बात यह रही कि पार्किंग में किसी भी प्रकार की कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई। रेलवे स्टेशन की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल पूरी तरह से संतोषजनक पाई गई है।

पार्किंग में लावारिस हालत में मिले कई वाहन

जब रेलवे स्टेशन की दोनों पार्किंग स्थलों की बारीकी से जाँच की गई, तो प्लेटफार्म नंबर एक की पार्किंग में तो कोई भी लावारिस वाहन नहीं मिला। लेकिन जब प्लेटफार्म नंबर 6 की पार्किंग की तलाशी ली गई, तो वहाँ जाँच के दौरान 5 ऐसे दोपहिया वाहन मिले जो काफी लंबे समय से लावारिस हालत में खड़े हुए हैं। इनमें एक बैंगनी रंग की स्कूटी पेप्ट (नंबर MP20SC4827), एक ब्लैक रंग की प्लेजर स्कूटी (नंबर MP20MC4417), एक काले रंग की हीरो होंडा डीलक्स मोटरसाइकिल (नंबर MP20MC1283), एक सफेद रंग की टीवीएस स्कूटी (नंबर MP20MV2063) और एक अन्य सफेद रंग की टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल शामिल है।

वर्ष 2025 से खड़े हैं ये लावारिस वाहन

जब इन सभी लावारिस वाहनों के संबंध में पार्किंग स्टैंड के ठेकेदार फैजल कुरैशी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि ये सभी वाहन नवंबर 2025 में उनके द्वारा पार्किंग का ठेका लेने से भी बहुत पहले से इसी परिसर में खड़े हुए हैं। लंबे समय से लावारिस हालत में खड़े इन वाहनों के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्थानीय सिविल पुलिस थाने को पहले ही आधिकारिक रूप से सूचना दी जा चुकी है।

आगे भी लगातार जारी रहेगा सुरक्षा अभियान

रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा मजबूत और चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए आरपीएफ द्वारा शुरू किया गया यह एंटी सबोटेज जाँच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पार्किंग स्थल पर खड़े होने वाले अन्य संदिग्ध वाहनों की भी पहचान कर उनकी गहराई से जाँच की जाएगी। डॉग स्क्वॉड की सहायता से सुरक्षा संबंधी चेकिंग करने के साथ-साथ इन लावारिस वाहनों के मालिकों और उनके इतिहास के विषय में अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।