भोपाल। प्रदेश के प्रमुख नगरों में पेयजल आपूर्ति एवं सीवरेज तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित ₹6,637 करोड़ से अधिक की शहरी बुनियादी ढांचा योजनाएं प्रशासनिक स्वीकृतियों तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़ी बाधाओं के कारण प्रभावित हो रही हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा की गई समीक्षा बैठक में 13 नगरीय निकायों की ऐसी 23 वृहद परियोजनाओं की स्थिति उजागर हुई है, जिनमें से प्रत्येक की लागत ₹100 करोड़ से अधिक है।
इन ढांचागत कार्यों की सुस्त गति के पीछे रेलवे, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), वन एवं पर्यावरण विभाग से अनुमतियों में विलंब तथा भूमि संबंधी विवाद मुख्य कारण बनकर सामने आए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन 23 परियोजनाओं की कुल स्वीकृत राशि ₹6,637.49 करोड़ है, जिनमें से कई का कार्य निर्धारित समय-सीमा की तुलना में अत्यंत पिछड़ गया है।
इंदौर में जलापूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाओं की सुस्त गति
विभाग की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि इंदौर जलापूर्ति पैकेज-2 की कुल स्वीकृत लागत ₹448.22 करोड़ है, किंतु धरातल पर इसकी भौतिक प्रगति मात्र 1 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसी प्रकार इंदौर जलापूर्ति पैकेज-1 (लागत ₹800.20 करोड़) में अब तक 18.49 प्रतिशत ही कार्य संपन्न हो सका है। सीवरेज सुधार हेतु स्वीकृत ₹331.85 करोड़ के पैकेज-1 का कार्य 27.41 प्रतिशत तथा ₹145.07 करोड़ की लागत वाले सीवरेज पैकेज-2 की प्रगति केवल 18.70 प्रतिशत तक पहुंच सकी है।
राजधानी भोपाल में वृहद योजनाओं का प्रगति विवरण
प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी जल एवं सीवरेज से जुड़ी मूलभूत विकास योजनाएं अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। ₹582.31 करोड़ की लागत वाली भोपाल जलापूर्ति परियोजना की वास्तविक प्रगति 24.5 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, ₹472.32 करोड़ के भोपाल सीवरेज पैकेज-3 का कार्य 35.15 प्रतिशत एवं ₹189.60 करोड़ लागत वाले सीवरेज पैकेज-2 का कार्य मात्र 8.10 प्रतिशत ही पूर्ण हो सका है।
ग्वालियर के जलापूर्ति प्रोजेक्ट्स की स्थिति
ग्वालियर नगर में स्वीकृत दो प्रमुख जलापूर्ति प्रोजेक्ट्स की गति में भी भारी विषमता पाई गई है। ₹473.76 करोड़ की लागत वाले जलापूर्ति पैकेज-2 की वास्तविक प्रगति मात्र 8 प्रतिशत है, जबकि समान लागत वाले ₹458.68 करोड़ के जलापूर्ति पैकेज-1 का लगभग 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
प्रदेश के अन्य प्रमुख नगरों का अद्यतन ढांचागत विवरण
जबलपुर: ₹312.10 करोड़ लागत की जलापूर्ति योजना का कार्य 34 प्रतिशत तक पूर्ण हुआ है।
खंडवा: ₹250.81 करोड़ की सीवरेज परियोजना की प्रगति 23.96 प्रतिशत दर्ज हुई है।
रीवा: ₹191.16 करोड़ की जलापूर्ति परियोजना ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते हुए 78 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया है।
पीथमपुर: ₹188.41 करोड़ के सीवरेज पैकेज का निर्माण कार्य 15.35 प्रतिशत ही हो पाया है।
भिंड: ₹141.98 करोड़ की लागत वाली सीवरेज परियोजना की वास्तविक प्रगति 14.50 प्रतिशत पर अटकी है।









