इंदौर। शिलांग में हनीमून के दौरान पति की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी इन दिनों जमानत पर जेल से बाहर है। इस मामले में अब मेघालय सरकार ने उसकी जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। गुरुवार को होने वाली सुनवाई से पहले सोनम ने अदालत में अपना हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया है।
साजिश और हत्या का चर्चित मामला
मामले की चार्जशीट के अनुसार, सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर पति राजा की हत्या की खौफनाक साजिश रची थी। आरोप है कि राज कुशवाह ने अपने तीन साथियों को शिलांग भेजा, जहां चारों ने मिलकर राजा की बेरहमी से हत्या कर शव को एक गहरी खाई में फेंक दिया था। यह हत्याकांड देशभर में चर्चा का विषय बना था। शिलांग पुलिस ने गहन जांच और सबूत जुटाने के बाद इंदौर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि सोनम को गाजीपुर से हिरासत में लिया गया था।
कानूनी दांव-पेच और जमानत का आधार
सोनम को जमानत मिलने के पीछे एक कानूनी चूक बड़ी वजह बनी। गिरफ्तारी के समय धाराओं में हुई टाइपिंग मिस्टेक का लाभ उसे निचली अदालत से मिला और उसकी जमानत मंजूर हो गई। राज्य सरकार ने इस फैसले को मेघालय हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी उसे राहत नहीं मिली और जमानत बरकरार रही। इस कानूनी गतिरोध के बाद अब राज्य सरकार ने न्याय की उम्मीद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सोनम का पक्ष और न्यायालय की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद सोनम ने अपना जवाब दाखिल किया है। उसने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि उसे केवल परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर इस मामले में फंसाया गया है और हत्या से उसका कोई संबंध नहीं है। सोनम का दावा है कि उसे झूठे आरोपों के तहत आरोपी बनाया गया है। अब पूरे देश की नजरें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या फिर उसे दोबारा जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।









