सागर| मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ से एक बेहद चौंकाने वाली और डरावनी घटना सामने आई है। यहाँ रविवार की रात वन भूमि पर किए जा रहे अवैध कब्जे को रोकने पहुँची वन विभाग की टीम पर कुछ उपद्रवियों ने अचानक धावा बोल दिया। इस खूनी संघर्ष में एक डिप्टी रेंजर और उनके सहकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं।
लाठी-डंडों और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला
जैसे ही वन विभाग के अमले ने मौके पर एक ट्रैक्टर को जब्त करने का प्रयास किया, वहाँ मौजूद लोगों ने उग्र होकर टीम पर लाठियों और पत्थरों से ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए पथराव और मारपीट में डिप्टी रेंजर शैलेंद्र तिवारी और वन पाल नारायण सिंह पलिया बुरी तरह घायल हो गए।
वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि गुस्साए लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस चल रही है। वीडियो के बैकग्राउंड में यह आवाजें सुनाई दे रही हैं कि इन्हें खेत में ही खत्म कर दो। इसके बाद जब एक अधिकारी ने ट्रैक्टर को वहाँ से हटवाने की बात कही, तो चालक भड़क उठा और माहौल हिंसक हो गया।
अस्पताल में उपचार जारी और आरोपियों पर मामला दर्ज
इस वारदात के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल डिप्टी रेंजर और अन्य कर्मियों को फौरन शाहगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वन विभाग की तहरीर पर शाहगढ़ पुलिस ने निवाही गाँव निवासी हरिराम यादव, अमित यादव और हरेन्द्र यादव के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
इस सनसनीखेज घटना के बाद से स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वन कर्मियों पर हुए इस जानलेवा हमले से विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।









