25 लाख दीपों से जगमगाएगी शिप्रा, 3 मिनट में रोशन होगा पूरा तट

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उज्जैन: धर्म नगरी उज्जैन में 17 सितंबर को एक भव्य दीपोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें महज 3 मिनट के भीतर 25 लाख से अधिक दीपक जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इस मेगा इवेंट की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और इसे सफल बनाने के लिए लगभग 26,000 वालंटियर्स मोर्चा संभालेंगे।

शिप्रा तट के इन घाटों पर जगमगाएंगे दीपक

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस ऐतिहासिक दीपोत्सव में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे। नगर निगम द्वारा तैयार की गई रूपरेखा के अनुसार, शिप्रा नदी के विभिन्न प्रमुख घाटों जैसे रामघाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा, भूखी माता और केदारेश्वर घाट पर लाखों दीपक सजाए जाएंगे, जिससे पूरा तट अलौकिक रूप से जगमग उठेगा।

7 सेक्टर, 250 सब सेक्टर और 26 हजार वॉलंटियर्स

इतनी भारी मात्रा में दीपकों को रिकॉर्ड समय में प्रज्वलित करने के लिए पुख्ता रणनीति बनाई गई है:

  • पूरे क्षेत्र को 7 मुख्य सेक्टर और 250 सब सेक्टरों में बांटा गया है।

  • हर ब्लॉक में 225 दीपक रखे जाएंगे, जिन्हें दो वॉलंटियर्स मिलकर जलाएंगे। इस प्रकार एक व्यक्ति 3 मिनट में 112 दीपक प्रज्वलित करेगा।

  • इस पूरे अभियान में कुल 26,000 वॉलंटियर्स अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। सभी को समय पर दीपक, रुई की बाती, तेल, माचिस, कपूर और मोमबत्ती जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए आयोजन से एक दिन पहले रिहर्सल भी की जाएगी।

घरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी मचेगी दीपों की रोशनी

यह दीपोत्सव केवल शिप्रा तट तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक इसका विस्तार होगा। इस अभियान के तहत लगभग 4,55,000 लोग अपने-अपने घरों में भी दीपक जलाकर इस उत्सव का हिस्सा बनेंगे।

विशाल मात्रा में उपयोग होगी सामग्री

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पूजन और प्रकाश सामग्री जुटाई गई है:

  • 45,000 लीटर तेल

  • 30 लाख से ज्यादा रुई की बत्तियां

  • 53,000 से अधिक मोमबत्तियां, 11,000 से ज्यादा माचिस और 28,000 लकड़ी की स्टिक्स

  • वर्तमान में कार्तिक मेला ग्राउंड में दीपकों की सफाई, बत्तियों पर कपूर लगाने और अन्य आवश्यक तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

पुराने रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पिछले सभी विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना है। इससे पहले साल 2022 में 11,71,078 दीपक और साल 2023 में 18,82,229 दीपक जलाकर रिकॉर्ड बनाए गए थे। अब 25 लाख से अधिक दीपकों का लक्ष्य रखकर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।