भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पुलिस सुशासन के मार्ग पर चलने में सरकार का अहम हिस्सा है। राज्य की शांति और सुरक्षा व्यवस्था देशभक्ति और जनसेवा में समर्पित पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को सम्मानित कर मैं स्वयं गर्व का अनुभव कर रहा हूँ। यह पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की दक्षता, योग्यता और क्षमता का ही परिणाम है कि उन्हें के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने जिस प्रकार से धाक और साख बनाई है वह निश्चित ही प्रशंसनीय है। पुलिस विभाग में जो भी नवाचार किया जाना है, राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग उसके साथ है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए असधारण कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को वर्ष 2019-2020 और 2020-2021 के लिए रवीन्द्र भवन में आयोजित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सम्मानित होने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिजन उपस्थित थे।
पुलिसकर्मियों को उनके जिले में आवास उपलब्ध कराये जायेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 2 वर्ष के पुरस्कार एक साथ दिये जा रहे है। कर्तव्यनिष्ठा और असाधारण कार्य के लिए प्रोत्साहन स्वरूप दिये जाने वाले यह पुरस्कार आगामी वर्षों में प्रति वर्ष प्रदान किये जायें। यह सुनिश्चित किया जाये कि पुरस्कार वितरण में भविष्य में विलंब न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों की राशि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजी) स्तर पर पहले 25 हजार रूपये तक के पुरस्कार दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 50 हजार रूपये कर दिया गया है, जिससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का और अधिक उत्साहवर्धन हो सके। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों को उनके जिले में पात्रता अनुसार आवास उपलब्ध कराने के लिए हाउसिंग बोर्ड एवं संबंधित प्राधिकरणों से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहते हैं, इसलिए उनके कल्याण का ध्यान रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिसकर्मियों की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके समर्पण के लिये मेरे मन में विशेष स्नेह और सम्मान का भाव है।
वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होते ही अगले वर्ष की प्रक्रिया होगी आरंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस सेवा में भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक युवा पुलिस बल से जुड़कर जन-कल्याण, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें। वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होते ही अगले वर्ष की भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जिला बल में पुलिस बैंड के लिये भी भर्ती प्रक्रिया आरंभ की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नया दौर देख रहा है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक देश से नक्सली उन्मूलन का संकल्प लिया था। हमने वह लक्ष्य डेडलाइन से पहले ही पूरा कर लिया। पुलिस का प्रत्येक जवान इसकी बधाई का पात्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति के बलबूते पर ही देश नक्सली समस्या से मुक्त हो पाया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नया दौर देख रहा है और केन्द्रीय गृह मंत्री शाह के प्रयासों से हम देश में सकारात्मक बदलाव का अनुभव कर रहे हैं।
पद्मविभूषण के.एफ. रुस्तमजी पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा पुंज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी पद्मविभूषण के.एफ. रुस्तमजी का स्मरण करते हुए कहा कि वे पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा पुंज रहेंगे। प्रदेश में चम्बल के बीहड़ों से डाकुओं के गिरोहों का सफाया कर जनता को भयमुक्त करने का अभूतपूर्व कार्य किया। उन्होंने हर चुनौती का बखूबी सामना किया। रुस्तमजी के मार्गदर्शन में ही सीमा सुरक्षा बल की नींव रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की सुरक्षा में प्राण प्रण से जुटे 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए के.एफ रुस्तम पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। यह पुरस्कार उन वीरों को मिल रहे है, जिन्होंने दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियानों और साम्प्रदायिक सदभाव बनाये रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सायबर क्राइम की चुनौती से भी प्रभावी तौर पर निपटेगी मध्यप्रदेश पुलिस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में सायबर क्राइम के रूप में अपराध का एक नया चेहरा हमारे सामने है, जिसमें अपराधी सॉफ्टवेयर से हमला कर रहे है। सायबर क्राइम की इस चुनौती का सामना करने के लिए हमें बौद्धिक और तकनीकी श्रेष्ठता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश पुलिस अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए, दृढ़ इच्छा शक्ति और संकल्प के आधार पर साइबर क्राइम की चुनौती से भी प्रभावी तौर पर निपटेगी और अपनी प्रतिष्ठा को बनाये रखेगी।
परम विशिष्ट-अतिविशिष्ट तथा विशिष्ट श्रेणी में दिये गये पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रुस्तमजी पुरस्कार के अंतर्गत परम विशिष्ट श्रेणी में सम्मानित अधिकारियों को सम्मान स्वरूप 5-5 लाख रुपये अथवा रिवॉल्वर/गन तथा अतिविशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत्2-2 लाख रुपये अथवा रिवॉल्वर/गन प्रदान की जा रही है। विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत 50 हजार रुपये और प्रमाण-पत्र प्रदान किये जा रहे है।
वर्तमान समय में कम्युनिटी पुलिसिंग निभा रही है अहम भूमिका
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। अब तक 418 पुलिस अधिकारियों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। दस्यु उन्मूलन, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण सहित अन्य कार्यों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है।
पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारा पुलिस बल प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में अहम योगदान दे रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इसमें 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराना और डायल 112 सेवा का क्रियान्वयन शामिल है। पिछले साल कुल साढ़े 8 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की स्वीकृति प्राप्त हुई है। कॉन्स्टेबल भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और सिपाहियों को ज्वाइनिंग दी जा रही है। सिंहस्थ-2028 एक बड़ा आयोजन होगा, इसके लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात करना बहुत आवश्यक है, इसके लिए तैयारियां जारी हैं। वर्तमान समय में कम्युनिटी पुलिसिंग अहम भूमिका निभा रही है, जनभागीदारी से म.प्र. पुलिस ने पिछले साल "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का सफल क्रियान्वयन किया, लाखों की संख्या में प्रदेशवासी इस अभियान का हिस्सा बने। अगले 3 वर्षों में प्रदेश को नारकोटिक ड्रग्स से पूर्णत: मुक्त करने का लक्ष्य है। वर्तमान दौर में प्रदेश पुलिस नई तकनीक से लैस हो रही है। सायबर अपराध से निपटने के लिए ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की गई है। हमारे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपराध नियंत्रण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
वर्ष 2019-20 के रुस्तमजी पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2019-20 का के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार परम विशिष्ट श्रेणी में तत्कालीन जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, जिला इन्दौर हाल पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त इन्दौर राजेश सहाय, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला नरसिंहपुर हाल सेवानिवृत्त महिला सुरक्षा, जबलपुर राजेश तिवारी, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना मझगवां, जिला सतना ओम प्रकाश चौंगडे हाल कार्यवाहक निरीक्षक जिला बडवानी को पुरस्कार प्रदान किया गया है। अति विशिष्ट श्रेणी में मनोज शर्मा, निरीक्षक, अनुभाग 3, विशेष शाखा, मुख्यालय भोपाल, सुज्योति तिवारी, तत्कालीन महिला आरक्षक, अ.अ.वि. (विशेष किशोर इकाई), जिला सागर हाल कार्यवाहक प्रधान आरक्षक जिला सागर को प्रदान किया गया। विशिष्ट श्रेणी में शालिनी दीक्षित, तत्कालीन सहायक पुलिस महानिरीक्षक, महिला अपराध शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल हाल अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-3 नगरीय पुलिस भोपाल, संदेश कुमार जैन, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सायबर क्राईम, जिला पुलिस बल, भोपाल हाल पुलिस अधीक्षक, रेडियो भोपाल हाल प्रतिनियुक्ति AIIMS भोपाल, विनय प्रकाश पॉल सहायक पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल, विक्रम सिंह. तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बीना, जिला सागर हाल जिला मउगंज, ममतेश कुमार माली, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल हाल पुलिस अधीक्षक, पी.टी.एस. (एम.टी.) भोपाल सहित कुल 43 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किये गये।
वर्ष 2020-21 के रूस्तमजी पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2021-22 के के.एफ. रूस्तमजी पुरस्कार, परम विशिष्ट श्रेणी में अपूर्व भलावी, तत्का. अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), परसवाड़ा, जिला बालाघाट हाल लखनादौन सिवनी, पंकज कर्मा, तत्का, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन हाल एटीएस इकाई, खण्डवा, मनीष जारवाल, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन, विजय वास्कले, तत्का. उप निरीक्षक, थाना प्रभारी, टाण्डा, जिला धार हाल कार्यवाहक निरीक्षक, जिला अलीराजपुर को तथा अति विशिष्ट श्रेणी में गोपाल प्रसाद खाण्डेल, तत्का. अति. पु.अ. शहर, जिला जबलपुर हाल सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक, पीटीएस सागर, वैभव श्रीवास्तव, तत्कालीन अतिरिक्त पु.अ., राज्य सायबर, पुलिस मुख्यालय भोपाल हाल सहायक पुलिस महानिरीक्षक, एटीएस मुख्यालय भोपाल, भावना मरावी, तत्कालीन अनु. अधिकारी (पुलिस), सीहोरा, जिला जबलपुर हाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर,अवधेश सिंह भदौरिया, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना विरसा, जिला बालाघाट हाल कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी हनुमानगंज भोपाल,सुनील मिश्रा, तत्का. आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल हाल कार्यवाहक प्रधान आरक्षक एटीएस मुख्यालय, भोपाल अनिल रावत, आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल को प्रदान किये गये। विशिष्ट श्रेणी गीता चौहान, तत्का. उपुअ पीटीसी, इन्दौर हाल अति. पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इन्दौर, दुर्गेश आर्मी, तत्का. उ.पु.अ. लांजी, जिला बालाघाट हाल नगर पुलिस अधीक्षक, जावरा रतलाम, रामशंकर सिलावट उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस इकाई, इन्दौर, अभिनव कुमार बारंगे, तत्का. अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भितरवार, जिला ग्वालियर हाल नगर पुलिस अधीक्षक, जिला खण्डवा सहित कुल 39 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार से सम्मानित किया।









