25 दिन से जारी आदिवासियों का आंदोलन, नर्मदापुरम में जमीन के पट्टे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

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नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में आदिवासियों की जमीन छीने जाने के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब तूल पकड़ता जा रहा है। पिछले 25 दिनों से धरने पर बैठे आदिवासियों को अब कई अन्य बड़े संगठनों का भी समर्थन मिल गया है, जिससे यह आंदोलन और अधिक व्यापक हो गया है।

कई संगठनों का मिला समर्थन

आदिवासियों के इस संघर्ष को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा, ग्रामीण मजदूर संघ, जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति) और गोंडवाना समग्र क्रांति जैसे कई प्रमुख संगठन आगे आए हैं। इन सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर आदिवासियों के प्रति एकजुटता दिखाई है।

आदिवासियों के मुख्य आरोप

प्रदर्शनकारी आदिवासी परिवारों का आरोप है कि वे पिछले 25 सालों से सरकारी जमीन पर खेती-किसानी कर रहे थे। प्रशासन द्वारा विस्थापितों को जमीन आवंटित किए जाने के दौरान उनकी लहलहाती मूंग की फसल पर जेसीबी चलवा दी गई, जिससे उनकी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। उनका यह भी कहना है कि बिना किसी मुआवजे या पूर्व सूचना के उनका कब्जा छीन लिया गया। वे पिछले डेढ़ साल से प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें

आदिवासियों और समर्थन दे रहे संगठनों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • पट्टा आवंटन: डागरपुरा और खाखरापुरा क्षेत्र के जिन परिवारों की जमीन का कब्जा हटाया गया है, उन्हें तुरंत जमीन का पट्टा दिया जाए।

  • फसल क्षति का मुआवजा: जेसीबी से नष्ट की गई खड़ी मूंग की फसल की उचित क्षतिपूर्ति दी जाए।

  • कब्जा मुक्ति: गुजरवाड़ और मनवाड़ा क्षेत्रों की जिन कृषि भूमियों पर आदिवासी परिवारों का आधिपत्य है, उन्हें अन्य कब्जों से मुक्त कराया जाए।

  • बुनियादी सुविधाएं: क्षेत्र में लंबे समय से लंबित पड़ी बिजली और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।

आगे की चेतावनी

यह धरना 22 अगस्त से लगातार जारी है और अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई संतोषजनक सुनवाई न होने से आदिवासियों में भारी आक्रोश है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो वे चक्का जाम, पुतला दहन और आंदोलन को और उग्र करने का बड़ा कदम उठा सकते हैं।