श्रावण में महाकाल की भक्ति में डूबी उज्जैन नगरी, लाखों भक्तों ने किए दर्शन

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उज्जैन: देवाधिदेव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में इस बार श्रावण मास के दौरान आस्था का एक नया इतिहास रचते हुए सारे पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह होने वाली भस्म आरती से लेकर रात की शयन आरती तक चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ श्रद्धालुओं का सैलाब ही नजर आ रहा है। मंदिर समिति द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मात्र आठ दिनों (30 जुलाई से 6 अगस्त 2026 के बीच) में कुल 29,28,349 भक्तों ने भगवान श्री महाकालेश्वर के दरबार में हाजिरी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया है।

3 अगस्त को बना ऐतिहासिक और नया रिकॉर्ड

श्रावण मास के इस विशेष सप्ताह का सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक दिन 3 अगस्त रहा। इस अकेले दिन रिकॉर्ड 6,13,849 श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन किए, जिसके कारण मंदिर के बाहर भक्तों की कतारें करीब चार किलोमीटर लंबी तक पहुंच गई थीं। इसके अलावा, 2 अगस्त को 4,76,109 और 1 अगस्त को 4,19,732 भक्तों ने महाकाल के दर्शन किए।

इन आठ दिनों में आए श्रद्धालुओं का पूरा विवरण:

  • 30 जुलाई 2026 (गुरुवार): 2,23,542 (श्रावण का गुरुवार)

  • 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार): 2,79,841 (सप्ताहांत की शुरुआत)

  • 1 अगस्त 2026 (शनिवार): 4,19,732 (दोगुनी भीड़)

  • 2 अगस्त 2026 (रविवार): 4,76,109 (महाकाल सवारी का विशेष दिन)

  • 3 अगस्त 2026 (सोमवार): 6,13,849 (रिकॉर्ड तोड़ भीड़)

  • 4 अगस्त 2026 (मंगलवार): 3,17,331 (भादो मास की शुरुआत)

  • 5 अगस्त 2026 (बुधवार): 2,97,649 (सामान्य दिन)

  • 6 अगस्त 2026 (गुरुवार): 3,00,296

  • कुल योग (8 दिन): 29,28,349 (लगभग 30 लाख श्रद्धालु)

प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद

महाकाल नगरी में उमड़ रही इस अभूतपूर्व भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) खुद मोर्चा संभाले हुए हैं और लगातार हर गतिविधि की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम के तहत अतिरिक्त बैरिकेड्स लगाए गए हैं, 500 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, साथ ही जगह-जगह मेडिकल कैंप, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं।

श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए मंदिर के 4 प्रमुख प्रवेश द्वारों से एंट्री दी जा रही है। देश के विभिन्न कोनों जैसे राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र के साथ-साथ विदेशों से भी भारी संख्या में शिवभक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं। पूरे शहर में हर तरफ सिर्फ 'जय श्री महाकाल' के जयकारे और डमरू की गूंज सुनाई दे रही है। पुजारियों का कहना है कि सावन के महीने में महाकाल के दर्शन मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है, यही कारण है कि हर साल भक्तों की यह अटूट आस्था निरंतर बढ़ती जा रही है।