महज 5 रुपये पर बवाल, भिंड में ग्राहक के कान पर दांत से हमला

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भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां महज चंद रुपयों के लेन-देन को लेकर उपजा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मेहगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक आटा चक्की पर पिसाई के पैसों को लेकर ग्राहक और चक्की संचालक के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद कुछ ही पलों में इतना उग्र हो गया कि चक्की संचालक ने तैश में आकर ग्राहक के कान को अपने दांतों से बुरी तरह काट लिया, जिससे ग्राहक लहूलुहान होकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वारदात के बाद पीड़ित को तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों पक्षों में काफी देर तक कहासुनी होती रही, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि एक छोटा सा विवाद इस कदर हिंसक रूप अख्तियार कर लेगा। लहूलुहान हालत में पीड़ित ने थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की सघन तफ्तीश में जुट गई है।

मात्र पांच रुपये के फेर में हुआ खूनी संघर्ष, संचालक ने आपा खोकर किया हमला

घटनाक्रम के अनुसार, मोरोली ग्राम के निवासी धान सिंह भदौरिया खेरियातोर मोड़ के पास स्थित एक आटा चक्की पर करीब साढ़े सैंतीस किलो गेहूं की पिसाई कराने पहुंचे थे। शुक्रवार की शाम जब वे अपना आटा वापस लेने गए, तो मजदूरी के पैसों को लेकर चक्की मालिक पप्पू ओझा से उनकी अनबन हो गई। बताया जा रहा है कि संचालक पप्पू ओझा ने पिसाई के बदले 45 रुपये की मांग की थी, जबकि धान सिंह केवल 40 रुपये का भुगतान कर रहे थे। इसी महज 5 रुपये के अंतर को लेकर दोनों में मुंहजोरी शुरू हो गई। देखते ही देखते जुबानी जंग मारपीट में तब्दील हो गई और आवेश में आए चक्की संचालक ने ग्राहक के कान पर दांतों से जोरदार हमला कर दिया। वहां उपस्थित राहगीरों और ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया, मगर तब तक उसे गंभीर चोट आ चुकी थी।

पीड़ित के कान का निचला हिस्सा हुआ अलग, पुलिस ने दर्ज किया मामला

इस अमानवीय हमले में घायल धान सिंह के कान के निचले हिस्से का एक टुकड़ा कटकर अलग हो गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में पीड़ित तुरंत मेहगांव पुलिस थाने पहुंचा और आपबीती सुनाते हुए मामला दर्ज कराया। पुलिस ने भी घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी महेश शर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पीड़ित की मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद उपलब्ध वैधानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। कानून के जानकारों का कहना है कि किसी को जानबूझकर गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाने के मामलों में चिकित्सीय रिपोर्ट सबसे अहम दस्तावेज होती है, जिसके आधार पर ही सजा तय होती है।

छोटी-छोटी बातों पर नियंत्रण खोता समाज, समाजशास्त्रियों ने जताई गहरी चिंता

इस दर्दनाक वाकये ने एक बार फिर सामाजिक व्यवहार और लोगों में घटते धैर्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि कैसे बेहद मामूली आर्थिक मसले भी अचानक भयानक हिंसा का रूप ले लेते हैं। समाजशास्त्रियों और स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि समकालीन परिवेश में लोगों के भीतर सहनशीलता की भारी कमी देखी जा रही है, जिसके चलते चंद रुपयों के विवाद में भी लोग एक-दूसरे की जान लेने पर आमादा हो जाते हैं। ऐसे संवेदनशील मामलों में हमेशा बातचीत और शांत दिमाग से समाधान ढूंढा जाना चाहिए, क्योंकि चंद मिनटों का बेलगाम गुस्सा किसी की जिंदगी बर्बाद कर सकता है और किसी को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। फिलहाल इस अजीबोगरीब और खौफनाक मामले को लेकर पूरे भिंड अंचल में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।