आउटसोर्स कर्मियों की सैलरी कटौती पर बवाल, तकनीकी संघ ने उठाई आवाज

0
8

जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ ने बिजली विभाग के आउटसोर्स, नियमित, संविदा, परीक्षण सहायकों एवं मीटर वाचकों की लंबित समस्याओं को लेकर जबलपुर रीजन के मुख्य अभियंता एस.के. गिरिया को ज्ञापन सौंपा। प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों पर कर्मचारियों के आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।

100 से अधिक आउटसोर्स कर्मियों के वेतन से अवैध कटौती का आरोप

संघ ने मुख्य अभियंता के समक्ष मामला उठाते हुए बताया कि जबलपुर नगर वृत्त के पूर्व शहर संभाग के कार्यपालन अभियंता ने श्रम नियमों का उल्लंघन करते हुए लगभग 100 आउटसोर्स कर्मचारियों के अगस्त माह के वेतन से ₹3,000 प्रति कर्मचारी की अवैध कटौती की है।

  • आर्थिक संकट: बिना किसी ठोस आधार के की गई इस कटौती से प्रभावित आउटसोर्स कर्मियों के परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है।

  • कार्रवाई का आश्वासन: मुख्य अभियंता एस.के. गिरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और कर्मचारियों को पूरा न्याय दिलाते हुए राशि वापस कराने का भरोसा दिया है।

सुरक्षा संसाधनों की कमी और अत्यधिक काम के दबाव पर जताई आपत्ति

प्रतिनिधिमंडल ने बिजली कर्मचारियों की कार्यस्थल से जुड़ी प्रमुख समस्याओं और सुरक्षा से संबंधित निम्नलिखित मांगें रखीं:

  • कार्य अवधि व सुरक्षा किट: लाइन स्टाफ से प्रतिदिन अधिकतम 8 घंटे ही काम लिया जाए। सभी श्रेणी के कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से सेफ्टी किट प्रदान की जाए तथा खतरनाक 'ठेला सीढ़ी' का प्रयोग बंद कर टावर गाड़ी उपलब्ध कराई जाए।

  • लिखित आदेश व सब-स्टेशन व्यवस्था: अवकाश के दिनों में ड्यूटी लगाने पर लिखित आदेश जारी किया जाए। इसके अतिरिक्त सब-स्टेशनों पर ऑपरेटरों के साथ हेल्पर, समुचित फर्नीचर व आवश्यक सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं।

  • अनावश्यक दबाव समाप्त करने की मांग: अधिकारियों द्वारा दैनिक आधार पर आयोजित की जाने वाली गूगल बैठकों (Google Meetings) तथा काम खत्म होने के बाद मोबाइल पर फोटो भेजने की अनिवार्यता को तुरंत बंद करने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में के.एन. लोखंडे, मोहन दुबे, जानकी प्रसाद त्रिपाठी, दशरथ शर्मा, हीरेंद्र रोहिताश, मोतीलाल बनकर, किशोर, संतोष और जगदीश मेहरा समेत कई वरिष्ठ संघ पदाधिकारी उपस्थित रहे।