भोपाल: मध्य प्रदेश में इस समय मॉनसून का प्रचंड रूप देखने को मिल रहा है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में हल्की से लेकर भारी बारिश की झड़ी लगी हुई है। पिछले दो-तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में नदियां-नाले उफान पर हैं और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। हवा में नमी बढ़ने की वजह से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आज, 23 अगस्त 2026 को भी राज्यभर में बादलों का डेरा रहेगा और अधिकांश हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने स्थिति को देखते हुए पूरे प्रदेश के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में मॉनसून की रफ्तार सबसे अधिक देखने को मिलेगी। जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं। सीधी, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया के निचले इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका बनी हुई है।
बारिश का आंकड़ा अभी भी सामान्य से पीछे
इस सीजन में रह-रहकर आ रहे मॉनसून ब्रेक की वजह से प्रदेश में अब भी औसतन 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। जून के महीने में बारिश का कोटा सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम रहा था, हालांकि जुलाई में मॉनसून ने तेजी पकड़कर भरपाई करने की कोशिश की। अगस्त में नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने के बावजूद बारिश का कुल आंकड़ा अब भी सामान्य स्तर से नीचे बना हुआ है।
विलंब से दस्तक देने के बाद बदला मॉनसून का मिजाज
इस वर्ष मॉनसून ने अपने तय समय से 9 दिन की देरी करते हुए 24 जून को मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। हालांकि, इसके बाद अगले 9 दिनों के भीतर ही मॉनसून पूरी रियासत में छा गया। जून में कुल 30 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत में स्थिति में सुधार आया और पहले हफ्ते में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक पहुंच गया था, जिसके बाद मॉनसून कुछ समय के लिए सुस्त पड़ गया था।









