अलीराजपुर: जिले में इस वर्ष हुई कम बारिश के कारण अन्नदाताओं की चिंताएं गहरा गई हैं। खेतों में सूख रही फसलों को बचाने के लिए किसान सिंचाई के वैकल्पिक साधनों की तलाश में जुटे हैं, लेकिन ग्रामीण अंचलों में बिजली की अनियमित आपूर्ति उनकी समस्याओं को और बढ़ा रही है। स्थिति यह बन गई है कि खेतों तक पानी पहुंचाने और फसलों को बचाने के लिए किसानों को पूरी-पूरी रात बिजली आने का इंतजार करना पड़ रहा है।
रात 3 बजे दफ्तर पहुंचे ग्रामीण, बंद दरवाजे देखकर निराश लौटे
जिला मुख्यालय से मात्र तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम इंदर सिंह की चौकी के निवासी बिजली कटौती की समस्या से बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि लगभग 3:00 बजे गांव के युवाओं का एक दल अपनी शिकायत दर्ज कराने बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचा था। उन्हें उम्मीद थी कि वहां मौजूद अधिकारी या कर्मचारी उनकी समस्या सुनकर तुरंत समाधान करेंगे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि दफ्तर में उनकी बात सुनने वाला कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
बिना पूर्व सूचना बिजली कटौती, कम वोल्टेज से ठप हुए कृषि उपकरण
ग्राम पंचायत के सरपंच भूपेंद्र चौगड़ ने स्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए बताया कि रात्रि के समय बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है। जब संकट के समय बिजली विभाग के अधिकारियों को दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता। कम बारिश के कारण फसलें पहले ही प्रभावित हो रही हैं, और ऐसे में सिंचाई के समय बिजली न मिलने से किसानों की रातें खेतों में ही बीत रही हैं। इसके अलावा, कम वोल्टेज की समस्या के कारण पानी की मोटरें और कृषि उपकरण भी ठप पड़ रहे हैं।
'शहरों में निर्बाध आपूर्ति तो गांवों में कटौती क्यों?' – ग्रामीणों के गंभीर सवाल
ग्रामीणों ने विद्युत व्यवस्था पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है कि जब शहरी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, तो ग्रामीण इलाकों में लगातार कटौती और लो-वोल्टेज का संकट क्यों बना हुआ है? कृषि के इस बेहद महत्वपूर्ण दौर में बिजली की अनिश्चितता से फसलों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है।
नर्मदा जल की उपलब्धता के बावजूद बिजली बिना सिंचाई ठप
क्षेत्र के किसान खेतों की सिंचाई के लिए कुओं के साथ-साथ नर्मदा नदी के पानी पर भी निर्भर हैं। कई इलाकों में पाइपलाइन के माध्यम से नर्मदा जल तो उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन पंप चलाकर खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए नियमित बिजली का होना अनिवार्य है। ऐसे में नर्मदा का जल उपलब्ध होने के बावजूद बिजली कटौती के कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
समय सारिणी तय करने और त्वरित समाधान की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्रामीण अंचलों के लिए बिजली आपूर्ति की एक निश्चित समय-सारिणी (टाइम-टेबल) बनाई जाए, कटौती से पहले पूर्व सूचना दी जाए और कम वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। इसके साथ ही शिकायत निवारण तंत्र को चुस्त-दुरुस्त करने की मांग की गई है ताकि किसानों को तुरंत राहत मिल सके। अब देखने वाली बात होगी कि बिजली विभाग इस दिशा में कब तक ठोस कदम उठाता है।









