भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: ग्वालियर लोकायुक्त ने रंगे हाथ दबोचा घूसखोर क्लर्क, 60 हजार में तय हुआ था सौदा।

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ग्वालियर/शिवपुरी: ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने शिवपुरी नगर पालिका में पदस्थ एक लिपिक (क्लर्क) को सहायक राजस्व निरीक्षक से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क ने यह राशि निलंबित सहायक राजस्व निरीक्षक की बहाली कराने के एवज में ली थी। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस भ्रष्टाचार के पीछे और कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देशानुसार प्रदेश भर में भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई जारी है। ग्वालियर लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा के अनुसार, शिवपुरी के कमलागंज निवासी हरिवल्लभ चंदौरिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। हरिवल्लभ नगर पालिका में निलंबित सहायक राजस्व निरीक्षक हैं। उन्होंने बताया कि नगर पालिका के स्थापना शाखा प्रभारी क्लर्क भगवान लाल करोसिया ने उन्हें सेवा में बहाल कराने के बदले 60 हजार रुपये की घूस मांगी थी।

सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल शिकायत के सत्यापन के दौरान क्लर्क ने 20 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे और शेष 40 हजार रुपये की राशि आज, 18 अप्रैल को देना तय हुआ था। रिश्वत का पुख्ता प्रमाण मिलते ही लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप प्लान किया। योजना के तहत आवेदक हरिवल्लभ को 40 हजार रुपये लेकर क्लर्क के पास भेजा गया।

घर के पास पकड़ा गया आरोपी क्लर्क भगवान लाल ने रिश्वत की रकम लेने के लिए हरिवल्लभ को कोतवाली के पास स्थित हरिजन बस्ती में अपने घर के पास बुलाया। जैसे ही आरोपी ने 40 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली है।

जांच के दायरे में आएंगे अन्य अधिकारी लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा ने बताया कि आरोपी क्लर्क से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस रिश्वतखोरी में विभाग का कोई अन्य अधिकारी भी शामिल है या नहीं। साक्ष्यों के आधार पर जांच में जिसका भी नाम सामने आएगा, उसे भी इस प्रकरण में आरोपी बनाया जाएगा।