लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए 21 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), कृषि सुरक्षा, जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई ऐतिहासिक कदम शामिल हैं।
एक्सप्रेसवे और क्षेत्रीय विकास को रफ्तार
प्रदेश में आवागमन को सुगम बनाने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई:
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक (बुलंदशहर होते हुए) 74.467 किलोमीटर लंबे और 6-लेन प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के प्राकलन को मंजूरी मिली। भविष्य में इसे 8-लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण: प्रयागराज और चित्रकूट के एकीकृत विकास के लिए 'प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण' के गठन का निर्णय लिया गया।
यु-हब की स्थापना: प्रदेश में तकनीकी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ और नोएडा में अत्याधुनिक 'यु-हब' (U-Hub) स्थापित किए जाएंगे।
बहुउद्देशीय हब: सात प्रमुख स्थानों पर लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहित भूमि को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को बहुउद्देशीय हब बनाने के लिए निःशुल्क सौंपा जाएगा।
सामाजिक समरसता और जनकल्याणकारी योजनाएं
वंचित और श्रमिक वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई नीतियां स्वीकृत की गई हैं:
उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड: विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के कल्याण के लिए नए बोर्ड के गठन को मंजूरी।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0: एमएसएमई (MSME) विभाग के तहत संचालित इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संशोधित दिशा-निर्देशों और नए बजट को स्वीकृति दी गई।
एचसीएल फाउंडेशन से करार विस्तार: ग्राम्य विकास विभाग की 'समुदाय परियोजना' को आगे बढ़ाते हुए मेसर्स एचसीएल (HCL) फाउंडेशन के साथ 2015 से चले आ रहे समझौते को अगले 5 वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है।
किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 (खरीफ 2026 और रबी 2026-27) में संपूर्ण प्रदेश में 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' और 'पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना' को लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
शिक्षा, श्रम और प्रशासनिक सुधार
कैबिनेट ने कई विधायी और प्रशासनिक बदलावों पर मुहर लगाई है:
मदरसा अधिनियम में संशोधन: उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में 'उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004' में प्रथम संशोधन को मंजूरी दी गई।
श्रम नियमावली 2026: 'उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली, 2026' को प्रख्यापित करने की स्वीकृति मिली, जबकि 'भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (संशोधन) विधेयक, 2020' को वापस लेने पर सहमति बनी।
अन्य नीतियां: आबकारी विभाग के तहत 'उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026' को विधान मंडल में पेश करने और यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण नीति-2017 के तहत मेसर्स आइक्यो सॉल्यूशंस को परिचालन तिथि में छूट देने का फैसला किया गया।








