जयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की एक अनूठी पहल के तहत मंगलवार को राजस्थान के सभी 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर 'पाम' (पीएएम) बैठक का भव्य आयोजन किया गया। हर महीने अमावस्या के दिन आयोजित होने वाली इस विशेष बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास में उनके माता-पिता की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करना है।
पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर
आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने जानकारी दी कि इस बैठक के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले नौनिहालों के माता-पिता और अभिभावकों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, सेहत, खान-पान और उनके व्यवहार में आ रहे बदलावों पर गहन चर्चा की गई। इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इस बार परिवार के पुरुष सदस्यों जैसे पिता, दादा और चाचा को भी इसमें शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, ताकि बच्चों की परवरिश और देखरेख में पुरुषों की सहभागिता को भी बढ़ाया जा सके।
अधिकारियों ने किया जमीनी स्तर पर निरीक्षण
इस राज्यव्यापी अभियान को पूरी तरह सफल और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग के आला अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी उप निदेशकों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों और लेडी सुपरवाइजरों ने विभिन्न केंद्रों पर जाकर इन बैठकों का औचक निरीक्षण किया और पूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निदेशक ने मालवीय नगर में खुद संभाला मोर्चा
इसी सिलसिले में आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने खुद मंगलवार को जयपुर-2 परियोजना के अंतर्गत मालवीय नगर सेक्टर 10 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा किया। वहां चल रही बैठक में हिस्सा लेते हुए उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से सीधे बातचीत की और बच्चों की दैनिक गतिविधियों तथा पोषण स्तर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।









