लखनऊ | उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती और लड़खड़ाती आपूर्ति व्यवस्था को लेकर अब चौतरफा दबाव बढ़ने लगा है। जनता को मिल रही दिक्कतों पर न सिर्फ विपक्षी दल बल्कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक भी अपनी ही सरकार के सामने नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर बिजली संकट को दूर करने की पुरजोर मांग की है। नेताओं का साफ कहना है कि इस चिलचिलाती धूप में बार-बार बत्ती गुल होने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है और जमीन पर भारी जन-आक्रोश पनप रहा है।
सत्ता पक्ष के विधायकों ने ऊर्जा मंत्री को घेरा, उठाए गंभीर सवाल
लखनऊ के स्थानीय भाजपा विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं पत्र के जरिए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के सामने रखी हैं। लखनऊ उत्तर से विधायक नीरज बोरा ने मांग की है कि बिजली आपूर्ति को तुरंत दुरुस्त किया जाए और उनके कैंप कार्यालय में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता को भेजा जाए, ताकि जनता को सही स्थिति से अवगत कराया जा सके। वहीं, सरोजनीनगर से विधायक राजेश्वर सिंह ने लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मरों पर जरूरत से ज्यादा लोड, बार-बार फीडर ट्रिप होने और अंडरग्राउंड केबल में खराबी जैसी गंभीर कमियां गिनाई हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या हर साल आती है, इसलिए अब इसका एक परमानेंट (स्थायी) ब्लूप्रिंट तैयार होना चाहिए। इसके अलावा लखनऊ पूर्व के विधायक ओपी श्रीवास्तव ने भी जर्जर तारों और ट्रांसफार्मरों की तुरंत मरम्मत करने की बात कही है।
पेयजल संकट गहराया, कांग्रेस ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी
दूसरी तरफ, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मुद्दे पर सरकार की प्रशासनिक विफलताओं को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि बिजली गुल रहने की वजह से लोग रात-रात भर सोने को तरस रहे हैं। नलकूप और पंपसेट न चल पाने के कारण अब पीने के पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है, जिससे आम जनजीवन और छोटे-मझोले उद्योग पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली की चरमराई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो उनकी पार्टी जनता के हक के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी।
गर्मी का हवाला देकर पावर कॉर्पोरेशन ने किया सुचारु व्यवस्था का दावा
इस पूरे मामले पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का कहना है कि रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण अचानक बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग स्थिति को संभालने के लिए लगातार काम कर रहा है, रोस्टर के मुताबिक बिजली दी जा रही है और जहां जरूरत है वहां ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वितरण) ज्ञानेंद्रधर द्विवेदी ने भी एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि राज्य में बिजली की स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को फाल्ट होने पर कम से कम समय में ट्रांसफार्मर बदलने और अतिरिक्त गैंग व आवश्यक सामग्री हमेशा तैयार रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।









