झालावाड़। झालावाड़ जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार शाम जिला परिषद सभागार में आयोजित की गई। झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले भर में चल रही केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद ने सख्त लहजे में अधिकारियों को हिदायत दी कि जनहित और विकास के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
जल जीवन मिशन और परवन सिंचाई परियोजना की समीक्षा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, सिंचाई और विद्युत वितरण जैसे प्रमुख विभागों के कार्यों का आकलन किया गया। सांसद ने पेयजल किल्लत से जूझ रहे गांवों में प्राथमिकता के आधार पर जल आपूर्ति बहाल करने तथा जल अर्पण दिवस के आयोजनों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र की महत्वाकांक्षी परवन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया गया। कृषि विभाग को निर्देशित किया गया कि किसानों को उन्नत तकनीक, समय पर फसल बीमा और पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिला अस्पताल सहित ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने को कहा गया। शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण, रिक्त पड़े पदों को भरने और छात्र नामांकन बढ़ाने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से एसएफसी मद की धनराशि के आवंटन और उपयोग की जानकारी को समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक करने का सुझाव भी दिया गया।
आवास योजना की उपलब्धि और स्वरोजगार पर बल
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा में सामने आया कि झालावाड़ जिले में पूरे प्रदेश में सर्वाधिक 49,984 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिन पर सांसद ने शेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कर राशि का भुगतान करने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त राजीविका और आरसेटी के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मधुमक्खी पालन जैसी आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने तथा प्रशिक्षण के उपरांत उनके स्वरोजगार की वास्तविक स्थिति का नियमित मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के झालावाड़ प्रवेश द्वार को खोलने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
मिलावटी दूध के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाने का आदेश
बैठक में डेयरी उद्योग और जनस्वास्थ्य से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया। सांसद दुष्यंत सिंह ने झालावाड़ डेयरी, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को मिलकर मिलावटी दूध के काले कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाने के सख्त आदेश दिए। उन्होंने कहा कि दूध की गुणवत्ता की नियमित रूप से जांच की जाए ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित दुग्ध उत्पाद मिल सकें और जिले के दुग्ध उत्पाद अपनी गुणवत्ता के बल पर एक विशिष्ट पहचान बना सकें। जिला कलक्टर ने सभी निर्देशों की प्रभावी अनुपालना का आश्वासन दिया।








