रेलवे स्टेशन शेड हादसा: निर्माण में खामियों और होल की वजह से बढ़ा खतरा

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लखनऊ: चारबाग रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुए शेड हादसे के पीछे रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। स्टेशन के पुनर्विकास के तहत कॉन्कोर्स बनाने के लिए प्लेटफॉर्म पर बने पुराने यात्री शेडों के बीच में ही छेद (होल) करके नए पिलर खड़े किए जा रहे हैं। इसी कटिंग के कारण शेड का संतुलन बिगड़ा और वह ढह गया। निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम न होने और मलबे के आस-पास से ही मुसाफिरों के गुजरने की वजह से यहाँ हर वक्त किसी बड़ी अनहोनी का डर बना हुआ है।

फिलहाल, प्लेटफॉर्म संख्या छह और सात पर पिलर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि प्लेटफॉर्म चार और पांच पर अभी काम चल रहा है। योजना के मुताबिक, पुराने शेडों को पूरी तरह ध्वस्त करने से बचने के लिए उनमें छेद करके पिलर निकालने की तकनीक अपनाई जा रही है, जो जोखिम भरी साबित हो रही है।

दूसरी तरफ, प्लेटफॉर्म नंबर एक पर भी शेड तोड़ने का काम जारी है, जहाँ लगातार यात्रियों की भीड़ बनी रहती है। इस पर रेलवे प्रबंधन का कहना है कि यह स्टेशन अत्यधिक व्यस्त (ग्रीन जोन से बाहर) है, इसलिए ट्रेनों का संचालन या प्लेटफॉर्म को पूरी तरह ब्लॉक नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे हजारों यात्रियों को भारी असुविधा होगी।

8 साल पहले ही असुरक्षित पाए गए थे ये शेड

चारबाग स्टेशन के ये यात्री शेड काफी पुराने और खोखले हो चुके हैं, जो कोई भी अतिरिक्त भार सहने की स्थिति में नहीं हैं। इस बात का पता आठ साल पहले ही चल गया था, जब स्टेशन पर सौर ऊर्जा (सोलर पैनल) लगाने की तैयारी की जा रही थी। तब तकनीकी जांच में पाया गया था कि शेड बेहद कमजोर हैं और पैनलों का वजन नहीं उठा पाएंगे, जिसके बाद उस प्रोजेक्ट को दूसरे स्टेशनों पर ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बावजूद, अब उन्हीं जर्जर शेडों के साथ बिना किसी सुरक्षा घेरे के इतनी बड़ी कंस्ट्रक्शन की जा रही है।

लखनऊ जंक्शन पर भी हुआ था ऐसा ही वाकया

चारबाग से सटे लखनऊ जंक्शन पर भी कुछ दिन पहले कार्यदायी संस्था की लापरवाही की वजह से महिला वेटिंग रूम की छत गिर गई थी। गनीमत रही कि उस वक्त वहाँ मौजूद महिला यात्री बाल-बाल बच गईं। हालांकि, उस घटना के बाद एहतियातन जंक्शन के प्रतीक्षालयों को बंद करना पड़ा था, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रेलवे को निर्माण कार्यों में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना होगा।