अजमेर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। शिक्षा जगत के इतिहास में यह पहला अवसर है जब बोर्ड ने 10वीं के नतीजों के बाद 12वीं का परिणाम सार्वजनिक किया है, जबकि इससे पहले 15 अप्रैल को 10वीं का रिजल्ट जारी किया जा चुका था। परिणाम सामने आते ही छात्र-छात्राओं और उनके संरक्षकों के बीच कहीं खुशी तो कहीं भविष्य की चिंता का मिला-जुला असर दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि इस बार मूल्यांकन की नई तकनीकों और सख्त नियमों के कारण परिणामों के प्रतिशत में पिछले वर्षों के मुकाबले कुछ बदलाव दर्ज किए गए हैं।
अजमेर रीजन के नतीजों में दर्ज की गई गिरावट
इस वर्ष सीबीएसई के अजमेर रीजन का समग्र सफलता प्रतिशत 86.78 रहा है जो कि बीते वर्ष की तुलना में काफी कम माना जा रहा है। पिछले साल यानी 2025 में इस क्षेत्र का परिणाम 90.40 प्रतिशत दर्ज किया गया था, जिसका अर्थ है कि इस बार सफलता की दर में लगभग 3.62 प्रतिशत की कमी आई है। विशेषज्ञों का यह विश्लेषण है कि बोर्ड द्वारा अपनाई गई कड़ाई और कॉपियों की जांच के मानकों में किए गए बदलावों ने इस गिरावट में बड़ी भूमिका निभाई है।
गुजरात का दबदबा और राजस्थान की पिछड़ती स्थिति
हाल ही में अजमेर रीजन से पृथक किए गए गुजरात रीजन ने इस बार अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाते हुए देशभर में सातवां स्थान हासिल किया है। इसके विपरीत राजस्थान के प्रदर्शन में अपेक्षित सुधार नहीं देखा गया और वह इस बार भी पड़ोसी राज्य गुजरात से पीछे रह गया है। यह स्थिति केवल 12वीं में ही नहीं बल्कि इससे पहले घोषित हुए 10वीं के नतीजों में भी देखी गई थी, जहां गुजरात ने बाजी मार ली थी और राजस्थान के शिक्षा जगत को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर दिया है।
डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और आगामी चुनौतियां
बोर्ड ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस बार 'ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' का उपयोग किया था, जिसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल जांच की गई। इस नई तकनीक के कार्यान्वयन के कारण इस बार परिणाम तैयार करने में 52 दिन का समय लगा, जबकि पिछले वर्ष यह प्रक्रिया मात्र 49 दिनों में पूर्ण कर ली गई थी। परिणाम के बाद अब बोर्ड जल्द ही उन विद्यार्थियों के लिए पुनर्मूल्यांकन और पूरक परीक्षाओं की समय सारणी जारी करेगा जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या किसी विषय में उत्तीर्ण नहीं हो पाए हैं।









