बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित एक निर्माणाधीन साइट पर गुरुवार तड़के एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। निर्माण स्थल पर सो रहे सुपरवाइजर का रक्तरंजित शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मिले सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से मामले का त्वरित खुलासा हो सका।
सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हुई वारदात और चीखें
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल करने पर पुलिस को एक नाबालिग का स्पष्ट फुटेज प्राप्त हुआ, जिसमें वह वारदात को अंजाम देता नजर आ रहा था। फुटेज के साथ ऑडियो में सुपरवाइजर की चीखें भी सुनाई दीं। पुलिस ने फुटेज के आधार पर संदेही नाबालिग को तत्काल हिरासत में ले लिया। पूछताछ में हत्या के पीछे मामूली विवाद में उपजी प्रतिशोध की भावना का खुलासा हुआ।
थप्पड़ का बदला लेने के लिए रची गई साजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपी नाबालिग ने स्वीकार किया कि बुधवार को वह साइकिल से रेलवे स्टेशन की ओर से गुजर रहा था। रास्ते में उसकी साइकिल से पानी के छींटे वहां मौजूद सुपरवाइजर नरेश गुप्ता पर पड़ गए। इस बात से आक्रोशित होकर सुपरवाइजर ने उसे अपशब्द कहे और तीन-चार थप्पड़ जड़ दिए। सार्वजनिक रूप से हुई इस पिटाई से आहत होकर नाबालिग ने बदले की सनक में हत्या का मन बना लिया।
सोते समय लोहे के एंगल से किया हमला
उसी रात आरोपी मौका पाकर पुनः कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुंचा। उसने वहां पड़ा एक भारी लोहे का एंगल उठाया और गहरी नींद में सो रहे सुपरवाइजर के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटें आने के कारण सुपरवाइजर की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
मृतक की पहचान नरेश गुप्ता के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के निवासी थे। उनका परिवार बिहार में ही निवास करता है। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित निर्माण कंपनी के संचालक और स्थानीय कर्मचारी भी स्तब्ध हैं।









