बारां | राजस्थान के बारां जिले के अंतर्गत आने वाले शाहाबाद क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) पर मंगलवार के तड़के एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है। यहाँ कोटा से उत्तर प्रदेश के कानपुर की तरफ जा रही मुसाफिरों से खचाखच भरी एक स्लीपर बस फरेदुआ तलहटी गांव के नजदीक अचानक बेकाबू होकर हाईवे पर ही पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में एक मासूम बच्ची समेत तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि करीब 12 से अधिक यात्री गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं।
गहरी नींद में थे मुसाफिर, अचानक मची चीख-पुकार
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब 4 बजे के आसपास घटित हुआ। उस वक्त बस में सवार ज्यादातर यात्री गहरी नींद के आगोश में थे। इसी दौरान फरेदुआ तलहटी गांव के पास से गुजरते समय बस के ड्राइवर का स्टीयरिंग से संतुलन बिगड़ गया और रफ्तार तेज होने के कारण वाहन पलट गया। बस के पलटते ही शांत माहौल में अचानक चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
ग्रामीणों ने दिखाई इंसानियत, गंभीर घायल जिला अस्पताल रेफर
हादसे की जोरदार आवाज सुनकर नजदीकी गांवों के लोग बिना वक्त गंवाए तुरंत घटना स्थल की तरफ दौड़े और अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। इसी बीच पुलिस प्रशासन और एम्बुलेंस की गाड़ियों को भी सूचित किया गया। स्थानीय ग्रामीणों की मुस्तैदी से घायलों को तुरंत बस की खड़कियों से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के जरिए शाहाबाद के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, कुछ यात्रियों की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें शुरुआती इलाज देने के बाद बारां जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
शव मोर्चरी में रखवाए गए, नींद की झपकी बनी हादसे की वजह
स्थानीय पुलिस ने इस हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर शाहाबाद अस्पताल के मुर्दाघर (मोर्चरी) में सुरक्षित रखवा दिया है। इसके साथ ही शिनाख्त होने के बाद पीड़ितों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए मामले की बारीकी से जांच की जा रही है, हालांकि शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि सुबह के वक्त बस चालक को नींद की झपकी आने या वाहन की गति अत्यधिक तेज होने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।









