बिलासपुर: सरकारी दुकानों में शराब का अकाल; ₹80 की बोतल ₹200 में बिकी, नई पैकेजिंग नीति बनी किल्लत की वजह
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में इन दिनों सरकारी शराब दुकानों के काउंटर खाली नजर आ रहे हैं। स्टॉक की भारी कमी के चलते शौकीनों को बैरंग लौटना पड़ रहा है, जिसका सीधा फायदा अवैध शराब माफिया उठा रहे हैं। आलम यह है कि दुकानों के बाहर खुलेआम ऊंचे दामों पर शराब की कालाबाजारी की जा रही है।
क्यों ठप हुई सप्लाई?
शराब की इस कमी के पीछे राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल से लागू किया गया नया नियम बताया जा रहा है।
प्लास्टिक बोतलों का संकट: शासन ने शराब की पैकेजिंग कांच के बजाय पीईटी (PET) प्लास्टिक बोतलों में करने के निर्देश दिए हैं।
उत्पादन पर असर: अचानक हुए इस बदलाव के कारण पर्याप्त मात्रा में प्लास्टिक बोतलें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित हो गई है। प्रदेश की लगभग 800 दुकानों में मांग के मुकाबले स्टॉक काफी कम पहुंच रहा है।
₹80 की देसी शराब ₹200 के पार
कोटा क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दुकान के बाहर ही अवैध बिक्री का खेल उजागर हुआ है।
मनमानी कीमत: आरोप है कि देसी शराब, जिसकी कीमत 80 रुपये है, उसे मजबूर लोगों को 200 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
बदला रुख: देसी शराब न मिलने के कारण अब लोग अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों पर उमड़ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, बीयर की खपत में करीब 50 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया है।
पुलिस की कार्रवाई: कोचिया गिरफ्तार
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कोटा पुलिस ने शराब दुकान के पास छापेमारी की।
गिरफ्तारी: पुलिस ने घेराबंदी कर अवैध रूप से शराब बेच रहे रोहन साहू नामक युवक को दबोचा है।
बरामदगी: आरोपी के पास से 16 पाव देसी शराब जब्त की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।









