जनजातीय क्षेत्रों में बदल रही तस्वीर, पीएम-जनमन से विकास को मिल रही गति

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जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) बारां जिले में रहने वाली सहरिया पीवीटीजी जनजाति के जीवन में बड़ा बदलाव लाने में बेहद मददगार साबित हुआ है। इस योजना के तहत बारां के किशनगंज और शाहबाद सहित कुल 8 ब्लॉकों में आवास, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और आंगनबाड़ी जैसी तमाम मूलभूत सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है।

आवास, पेयजल और सड़क संपर्क में उल्लेखनीय प्रगति

राजस्थान में सहरिया पीवीटीजी जनजाति की आबादी लगभग 1 लाख 30 हजार है, जो बारां जिले की 149 ग्राम पंचायतों के 324 राजस्व गाँवों में निवास करती है। पीएम-जनमन के अंतर्गत राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 14 हजार 671 पक्के आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 4 हजार से अधिक परिवारों को नल कनेक्शन और 16 हजार से अधिक वंचित परिवारों को बिजली के नए कनेक्शन दिए गए हैं। इसके अलावा, जनजातीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में 22 प्रमुख सड़कों का निर्माण कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।

शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण

जनजातीय युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत 15 मल्टीपर्पज सेंटर, 51 आंगनबाड़ी केंद्र और 51 वन-धन केंद्र संचालित हो रहे हैं। साथ ही 2 छात्रावासों का काम पूरा हो चुका है और 19 अन्य छात्रावासों का निर्माण जून 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। आरएसएलडीसी द्वारा 621 व्यक्तियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को दूरदराज के इलाकों तक पहुँचाने के लिए 8 मोबाइल मेडिकल यूनिट चलाई जा रही हैं, जिनसे अब तक 2 लाख 45 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों को सामाजिक सुरक्षा और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है।