जयपुर। विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड की तीसरी गवर्निंग बोर्ड की बैठक शुक्रवार को बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में युवाओं को हुनरमंद बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करने और उनके लिए रोजगार के बेहतर मौके तैयार करने को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना मुख्य उद्देश्य
बैठक को संबोधित करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस दौरान कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के आयुक्त और प्रबंध निदेशक ऋषभ मंडल ने बोर्ड की मौजूदा गतिविधियों और चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की।
पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर
बैठक में युवाओं को ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़ने पर सहमति बनी जिससे उन्हें तुरंत काम मिल सके। इसके साथ ही, पुराने पारंपरिक कौशलों और हुनर को आज की आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने तथा स्वरोजगार (खुद का बिजनेस) के नए रास्ते खोलने को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में आने वाले समय की कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप वर्मा सहित कई अन्य विभागों के आला अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सामाजिक न्याय, अल्पसंख्यक मामलात, उद्योग, जनजाति क्षेत्रीय विकास, तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और अपने सुझाव साझा किए।
विश्व पर्यावरण दिवस पर दिया हरियाली का संदेश
बैठक खत्म होने के बाद विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर बोर्ड कार्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार और अन्य अधिकारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण बचाने और 'हरित राजस्थान' बनाने का संदेश दिया। इस दौरान सुथार ने कहा कि पेड़ लगाना सिर्फ एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक निरंतर चलने वाला संकल्प होना चाहिए।









