“राजस्थान में खत्म हुआ होटलों का ‘स्टार सिस्टम’, अब कमरों और लग्जरी सुविधाओं के आधार पर तय होगी भारी-भरकम फीस”

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जयपुर | राजस्थान में होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने लाइसेंस शुल्क (फीस) का एक नया और संशोधित ढांचा लागू कर दिया है। केंद्र सरकार से मिले दिशा-निर्देशों के तहत अब होटल और रेस्टोरेंट की श्रेणियों का नए सिरे से पुनर्गठन किया गया है, जिसके आधार पर वार्षिक लाइसेंस फीस की नई दरें तय की गई हैं। विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं। पहले जहां होटलों को उनकी स्टार रेटिंग और विभिन्न सुविधाओं के आधार पर कई अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता था, वहीं अब इस प्रक्रिया को सरल बनाते हुए उन्हें केवल पांच श्रेणियों में सीमित कर दिया गया है। इसी तरह, रेस्टोरेंट्स की कैटेगरी को भी घटाकर अब सिर्फ तीन कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत होटलों का वर्गीकरण वहां मौजूद कमरों की संख्या और सुविधाओं के आधार पर तय होगा।

होटलों के लिए कमरों के आधार पर तय हुआ वार्षिक शुल्क

नई गाइडलाइंस के मुताबिक, 50 कमरों तक की क्षमता वाले होटलों को नगर निगम क्षेत्र में 25 हजार रुपये, नगर परिषद क्षेत्र में 20 हजार रुपये और नगर पालिका क्षेत्र में 15 हजार रुपये सालाना लाइसेंस फीस देनी होगी। वहीं, 51 से 100 कमरों वाले होटलों के लिए यह राशि क्रमशः 50 हजार, 40 हजार और 18 हजार रुपये तय की गई है। लग्जरी सुविधाओं जैसे स्विमिंग पूल, जिम और स्पा से लैस 100 कमरों तक के होटलों के लिए नगर निगम में 75 हजार, नगर परिषद में 60 हजार और नगर पालिका क्षेत्र में 55 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

बड़े और आलीशान होटलों के लिए नई दरें

यदि किसी लग्जरी होटल में 150 कमरे तक हैं, तो नगर निगम क्षेत्र में उसे 1 लाख रुपये, नगर परिषद में 80 हजार रुपये और नगर पालिका क्षेत्र में 70 हजार रुपये फीस चुकानी होगी। इसके अलावा, 150 से अधिक कमरों वाले बेहद बड़े होटलों के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क क्रमशः 1.50 लाख रुपये, 1.25 लाख रुपये और 1 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।

रेस्टोरेंट्स की क्षमता और कैटेगरी के अनुसार नई फीस

रेस्टोरेंट संचालकों के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं। 100 सीटों की क्षमता वाले नॉन-एसी (Non-AC) रेस्टोरेंट के लिए नगर निगम क्षेत्र में 7,500 रुपये, नगर परिषद में 5 हजार रुपये और नगर पालिका क्षेत्र में 4 हजार रुपये की फीस तय की गई है। वहीं, 100 सीटों वाले एसी (AC) रेस्टोरेंट के लिए यह शुल्क क्रमशः 20 हजार, 15 हजार और 12 हजार रुपये सालाना होगा। अगर एसी रेस्टोरेंट में सीटों की संख्या 100 से अधिक है, तो संचालकों को नगर निगम में 30 हजार रुपये, नगर परिषद में 25 हजार रुपये और नगर पालिका क्षेत्र में 20 हजार रुपये सालाना लाइसेंस फीस देनी होगी। स्वायत्त शासन विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया न केवल बेहद आसान और पारदर्शी बनेगी, बल्कि राज्य भर में होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायों का वर्गीकरण भी एक समान मानकों पर किया जा सकेगा।