जयपुर: खैरथल-तिजारा जिले की किशनगढ़बास पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ईस्माईलपुर में आयोजित 'ग्रामीण सेवा शिविर' दो किसान परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। ईस्माईलपुर गांव के निवासी रोशन लाल (पुत्र कुन्दन लाल) और भौरे लाल (पुत्र मंगू लाल) जाटव के बीच लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद इस शिविर के माध्यम से हमेशा के लिए सुलझ गया। दोनों काश्तकारों ने खैरथल के उपखंड अधिकारी और तहसीलदार के सामने अपनी सांझा जमीन के आपसी बंटवारे के लिए आवेदन किया था।
पटवारी की समझाइश और अपनों के प्यार ने खत्म किया पुराना विवाद
दोनों किसानों ने बताया कि जमीन के मालिकाना हक को लेकर आपसी सहमति न बन पाने के कारण लंबे समय से इस भूमि का विभाजन अटका हुआ था। हालांकि, इस विशेष शिविर के आयोजन से ठीक पहले स्थानीय हलका पटवारी ने दोनों पक्षों से मुलाकात की और उन्हें कानूनी पेचीदगियों से बचने की सलाह दी। इसके साथ ही परिवार के रिश्तेदारों ने भी भविष्य में किसी भी संभावित मनमुटाव को टालने के लिए प्यार और समझदारी से जमीन बांटने की बात कही, जिसके बाद दोनों पक्ष सहमती से विभाजन के लिए राजी हो गए।
विभिन्न खसरा नंबरों की जमीनों का मौके पर ही हुआ निपटारा
दोनों काश्तकारों ने ग्राम ईस्माईलपुर में स्थित अपने आराजी खसरा नंबर 1635, 1638, 1642, 1679, 1686 और 1687 की सह-खातेदारी भूमि को आपस में बांटने की इच्छा जताई। आवेदन मिलते ही राजस्व टीम तुरंत हरकत में आई। तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक (आरआई) और हलका पटवारी ने बिना समय गंवाए विवादित जमीन का मौके पर जाकर मुआयना किया और दोनों पक्षों की इच्छा के अनुसार विभाजन का एक निष्पक्ष प्रस्ताव तैयार किया।
तहसीलदार के तत्काल आदेश से खिले किसानों के चेहरे
सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताओं और मौका निरीक्षण को पूरा करने के बाद खैरथल तहसीलदार ने शिविर स्थल पर ही जमीन के आधिकारिक विभाजन (बंटवारे) के आदेश जारी कर दिए। मौके पर ही वर्षों पुराना मामला सुलझ जाने से दोनों काश्तकारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। दोनों किसान परिवारों ने इस त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई के लिए राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया।









