करोड़ों के जेवरात के साथ तीन तस्कर दबोचे गए, बैगों में छिपाकर कर रहे थे परिवहन

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सिरोही। राजस्थान के सीमावर्ती इलाके में आबूरोड रीको पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मावल चौकी के पास नाकाबंदी के दौरान एक निजी ट्रेवल्स बस से करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य का अवैध सोना और चांदी बरामद किया है। इस खेप में 2.800 किलोग्राम सोने के आभूषण और 800 ग्राम चांदी के जेवरात शामिल हैं, जिन्हें तीन अलग-अलग बैगों में बेहद चालाकी से छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और आभूषणों को जब्त कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विशेष अभियान के तहत नाकाबंदी और बस की तलाशी

यह कार्रवाई जिले में हवाला नेटवर्क और गैर-कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के अंतर्गत की गई है। रीको थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चंपावत के नेतृत्व में पुलिस बल गुजरात बॉर्डर से लगी मावल चौकी पर वाहनों की सघन चेकिंग कर रहा था। इसी दौरान पुणे से जोधपुर की ओर जा रही एक संदिग्ध ट्रेवल्स बस को जांच के लिए रोका गया। बस की गहन तलाशी लेने पर यात्रियों के बैगों से भारी मात्रा में कीमती जेवरात बरामद हुए। जब इन गहनों को ले जा रहे संदिग्धों से वैध बिल या स्वामित्व के दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके और न ही संतोषजनक उत्तर दे पाए।

तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार और पुलिस टीम की मुस्तैदी

इस मामले में पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है, उनमें बरलुट (सिरोही) का रहने वाला रमेश कुमार पुत्र छोगाजी प्रजापत, वेरा विलपुर (सिरोही) का निवासी गजेन्द्रसिंह पुत्र गोपालसिंह राजपूत और बरलुट का ही रहने वाला चंदूलाल पुत्र जैसाजी सैन (हालमुकाम अहमदाबाद) शामिल हैं। इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने वाली टीम में सहायक उपनिरीक्षक भवानीसिंह के साथ कांस्टेबल प्रकाश कुमार, मालदेव, प्रवीणसिंह और दिलीपसिंह ने मुख्य भूमिका निभाई, जिनकी मुस्तैदी के कारण इतनी बड़ी खेप पकड़ी गई।

बैकवर्ड लिंकेज और हवाला कनेक्शन की सघन जांच

पकड़े गए आरोपियों से पुलिस हिरासत में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना-चांदी कहां से लाया गया था और इसकी डिलीवरी जोधपुर या अन्य किस शहर में किसे दी जानी थी। पुलिस को आशंका है कि इस तस्करी के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय हवाला रैकेट या टैक्स चोरी के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि गहन तफ्तीश पूरी होने के बाद ही इस पूरे अवैध कारोबार के मुख्य सरगनाओं का पर्दाफाश हो सकेगा।