व्यापारियों का विरोध तेज, डिवाइडर निर्माण के खिलाफ बाजार रहा बंद

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अजमेर। राजस्थान के अजमेर शहर में स्थित कचहरी रोड पर बुधवार को सड़क डिवाइडर के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय व्यापारियों का आक्रोश अचानक भड़क उठा। अजमेर नगर निगम द्वारा रामसेतु फ्लाईओवर के ठीक नीचे शुरू किए गए इस डिवाइडर निर्माण के विरोध में लामबंद हुए दुकानदारों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। अपनी नाराजगी दर्ज कराने के लिए व्यापारियों ने स्वेच्छा से लगभग दो घंटे तक अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं, जिससे बाजार में व्यापारिक गतिविधियां ठप पड़ गईं। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा इस निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले स्थानीय कारोबारियों को विश्वास में नहीं लिया गया, जिससे उनके हितों पर कुठाराघात हो रहा है।

व्यापार ठप होने और यातायात बाधित होने की आशंका

आंदोलनकारी दुकानदारों का तर्क है कि इस व्यस्त मार्ग पर डिवाइडर का निर्माण होने से पूरा क्षेत्र संकरा हो जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था सुधरने के बजाय और अधिक प्रभावित होगी। उनका मुख्य कंसर्न यह है कि डिवाइडर बनने के बाद सड़क के दोनों ओर जगह कम बचेगी, जिससे ग्राहकों के लिए वाहनों को पार्क करना और दुकानों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा। व्यापारियों ने रोष जताते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व योजना, सर्वे और स्थानीय हितधारकों से पर्याप्त चर्चा किए बिना ही यह निर्माण कार्य थोप दिया गया है, जो सीधे तौर पर उनके रोजमर्रा के कारोबार को मंदी की ओर धकेलेगा।

नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और अधिकारियों का दौरा

उग्र प्रदर्शन के दौरान बाजार संघ से जुड़े व्यापारियों ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी सामूहिक असहमति जताई। दुकानदारों ने दो टूक शब्दों में मांग की कि इस पूरे प्रोजेक्ट की दोबारा समीक्षा की जाए और स्थानीय निवासियों व व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कोई वैकल्पिक और उचित समाधान निकाला जाए। बाजार बंद और हंगामे की सूचना मिलते ही निगम के संबंधित आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच बैठकर उनकी शिकायतों को सुना, जिसके बाद उन्होंने मामले पर सकारात्मक विचार करने और आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया।

सड़क सुरक्षा बनाम कारोबार को लेकर असमंजस बरकरार

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनके सुझावों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया और जबरन निर्माण जारी रखा, तो वे आने वाले दिनों में अपने इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगे। दूसरी ओर, नगर निगम प्रशासन का पक्ष है कि रामसेतु फ्लाईओवर के नीचे बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित करने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस डिवाइडर का निर्माण बेहद जरूरी है ताकि यातायात को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूर करने के लिए बातचीत का दौर जारी है और यह पूरा विषय शहर में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है।