जयपुर। जिला कलक्टर संदेश नायक के निर्देश पर जयपुर जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिला प्रशासन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), सांसद, विधायक और उनके प्रतिनिधियों का एक संयुक्त दल गांवों में जाकर पानी की योजनाओं का गहन निरीक्षण कर रहा है। इस साझा निरीक्षण के दौरान अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर पेयजल योजनाओं की प्रगति, घर-घर नल कनेक्शन की स्थिति और पानी की सप्लाई कितनी नियमित और साफ है, इसका पूरा मूल्यांकन कर रहे हैं।
ग्रामीणों से सीधे बात कर जानीं समस्याएं
निरीक्षण पर निकले दल ने न सिर्फ सरकारी कागजों और काम को देखा, बल्कि गांवों में जाकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद भी किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात कर पानी की सप्लाई को लेकर उनकी समस्याएं, सुझाव और उम्मीदें जानीं। इस दौरान जहां भी काम में कमियां मिलीं या सुधार की जरूरत महसूस हुई, वहां संयुक्त दल ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को काम की रफ्तार बढ़ाने और गुणवत्ता (क्वालिटी) में सुधार करने के सख्त निर्देश दिए।
23 जल योजनाओं का निरीक्षण पूरा
जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि इस अभियान के तहत जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के झोटवाड़ा, जोबनेर, आमेर, गोविंदगढ़, सांभर, किशनगढ़-रेनवाल, फागी, सांगानेर, चाकसू, बस्सी, जालसू, आंधी, जमवारामगढ़, मौजमाबाद, दूदू, कोटखावदा, तुंगा, माधोराजपुरा और शाहपुरा जैसे विभिन्न ब्लॉकों की कुल 40 जल योजनाओं की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 3 जून 2026 तक इनमें से 23 योजनाओं का निरीक्षण पूरा किया जा चुका है, जबकि बची हुई 17 जल योजनाओं की जांच आने वाले दिनों में की जाएगी।
कमियों को दूर करने के लिए बनेगा 'डिस्ट्रिक्ट इम्प्रूवमेंट प्लान'
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि फील्ड से जो भी कमियां और ग्रामीणों के सुझाव सामने आ रहे हैं, उनके आधार पर प्रशासन एक 'डिस्ट्रिक्ट इम्प्रूवमेंट प्लान' (जिला सुधार योजना) तैयार करने जा रहा है। इसका मकसद जल जीवन मिशन के तहत दी जा रही सुविधाओं को और ज्यादा बेहतर और असरदार बनाना है। कलक्टर ने साफ किया कि ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के साफ पानी पहुंचाना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।









