DPDP Rules: 28 सितंबर से लागू होगा DPDP कानून – कंपनियां खौफ में, मीडिया सेक्टर का पारा हाई….
बड़ा धमाका
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले – “DPDP नियम पूरी तरह तैयार, अब बस कुछ दिनों में लागू होंगे।”
यानि अब कंपनियों का डेटा-धंधा बंद और जनता की प्राइवेसी सबसे पहले।
अब आपका डेटा, आपका हक
- बिना आपकी मंज़ूरी कोई डेटा यूज़ नहीं।
- सहमति 22 भाषाओं में – कोई बहाना नहीं।
- डेटा क्यों चाहिए और कहाँ इस्तेमाल होगा – कंपनी को सब बताना पड़ेगा।
- बच्चों की जानकारी पर सख्त पहरा – टारगेटेड ऐड्स बैन।
- आपका हक – डेटा देखो, बदलो, मिटाओ या सहमति वापस लो।
मीडिया सेक्टर में हड़कंप
- सेक्शन-7 बना सबसे बड़ा विवाद – खबर छापने से पहले सहमति ज़रूरी।
- पत्रकारों का सवाल – “भ्रष्ट अधिकारी से इजाज़त लेकर क्या एक्सपोज़ करेंगे?”
- डर ये भी कि DPB पत्रकारों से उनके गुप्त सोर्स पूछ सकता है।
- नतीजा – प्रेस की आज़ादी पर तगड़ा ब्रेक और RTI कमजोर होने का खतरा।
DPDP Rules: जुर्माने का झटका
- गलती की तो कंपनियों पर लगेगा 50 से 200 करोड़ का बम!
डेटा से खिलवाड़ = सीधे दिवालिया होने का खतरा।
सुपरहीरो या सेंसरशिप?
- सरकार कहती है – “ये कानून आपकी प्राइवेसी का बॉडीगार्ड है।”
- मीडिया चिल्ला रहा है – “ये प्रेस की आवाज़ दबाने वाला हथियार है।”
28 सितंबर से शुरू होगा असली गेम – जनता के लिए DPDP बनेगा ढाल या मीडिया के लिए तलवार?









