काठमांडू| नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्र में आई भयानक प्राकृतिक आपदा के बाद लगभग 70 अमेरिकी नागरिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि आपदा के कारण संपर्क मार्ग, सड़कें और कई पुल पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, जबकि अनेक गांव मलबे में समा गए हैं। विभाग के अनुसार, गुरुवार दोपहर तक 18 अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रभावित परिवारों के साथ निरंतर संपर्क और चुनौतीपूर्ण हालात
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, काठमांडू में मौजूद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल प्रभावित परिवारों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर चुका है, जबकि वॉशिंगटन में अधिकारी स्वदेश में मौजूद परिजनों से लगातार संवाद बनाए हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटे दलों के लिए परिस्थितियां अत्यंत विकट बनी हुई हैं। कई इलाकों का भौगोलिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है और जहां कभी बस्तियां हुआ करती थीं, वहां अब कई फीट तक मिट्टी व चट्टानों का मलबा जमा है।
संकरी घाटियों और प्रतिकूल मौसम के बीच जोखिम भरा बचाव कार्य
आपदा के भीषण असर के कारण हवाई राहत अभियानों में भारी बाधाएं आ रही हैं:
उड़ान में जटिलता: पायलटों को संकरी घाटियों के बीच से जोखिम भरी उड़ानें भरनी पड़ रही हैं।
पहचान चिह्नों का लोप: सड़कों और नदियों के किनारे मौजूद पुराने मार्ग तथा लैंडमार्क पूरी तरह गायब हो चुके हैं।
भौगोलिक चुनौतियां: अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हवा का दबाव कम होने से हेलीकॉप्टर अभियानों को संचालित करना अत्यंत खतरनाक और कुछ स्थानों पर असंभव हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय मदद और बचाव दलों की तैनाती
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि आपदा के पहले ही दिन नेपाल को खोज एवं बचाव कार्यों में सहायता का प्रस्ताव दिया गया था। शुरुआती चरण में स्थानीय एजेंसियों द्वारा स्थिति संभालने की बात कही गई, किंतु बाद में अंतरराष्ट्रीय समन्वय के तहत विदेशी विशेषज्ञ टीमों को विशेष अभियानों के लिए अनुमति दी गई। इन दलों ने मुख्य रूप से जलविद्युत (हाइड्रोपावर) सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
5,100 से अधिक लोग लापता, धरातल पर राहत कार्य जारी
आपदा ने एक बहुत बड़े भू-भाग को अपनी चपेट में लिया है, जहाँ वर्तमान में भी लगभग 5,100 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बदलती परिस्थितियों के बीच राहत कार्य लगातार जारी हैं और अमेरिकी अधिकारी स्थानीय प्रशासनिक एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर धरातल पर बचाव अभियानों को गति दे रहे हैं।









