दुबई। एक सामान्य यात्री विमान की उड़ान के दौरान उस वक्त खौफनाक स्थिति पैदा हो गई, जब को-पायलट द्वारा अपने ही कैप्टन पर जानलेवा हमला करने और विमान को जानबूझकर क्रैश कराने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया है कि यह घटना सामान्य विमान हाईजैकिंग या हादसे से कहीं अधिक गंभीर थी और इसके पीछे एक गहरा आतंकी मंसूबा छिपा था। ओमानी आतंकी हमाम अल-हम्मामी की योजना इस विमान को इजरायल के तेल अवीव ले जाकर बेन गुरियन एयरपोर्ट पर किसी इमारत या अन्य विमान से टकराने की थी, जिसे कैप्टन स्मित मच्छार की अदम्य बहादुरी और यात्रियों की सूझबूझ ने पूरी तरह नाकाम कर दिया।
खतरनाक प्लान-बी और प्लान-सी की थी तैयारी
जांचकर्ताओं के सामने पूछताछ में अल-हम्मामी ने स्वीकार किया कि यदि वह विमान को मुख्य लक्ष्य तक नहीं ले जा पाता, तो उसके पास अन्य विकल्प भी तैयार थे। उसने योजना बनाई थी कि तेल अवीव की किसी इमारत से टक्कर न होने की स्थिति में वह बेन गुरियन हवाई अड्डे पर ही विमान को क्रैश कर देगा। यदि यह भी संभव न होता, तो रास्ते में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर विमान को मोड़ने का इरादा था। उसने यह भी खुलासा किया कि यह खौफनाक साजिश उसने एयरलाइन में नौकरी मिलने से पहले ही रच ली थी। उसने जानबूझकर ऐसी एयरलाइन की तलाश की थी जिसकी उड़ानें तेल अवीव जाती हों, ताकि अपनी इस साजिश को अंजाम दे सके। इसके लिए उसने इजरायल की अपनी पिछली यात्राओं के दौरान वहां की स्थितियों और संभावित ठिकानों की पूरी रेकी भी की थी।
कैप्टन की बहादुरी और यात्रियों की सूझबूझ से टला विमान हादसा
साजिश के तहत को-पायलट को कॉकपिट के भीतर ही कैप्टन स्मित मच्छार को समाप्त कर विमान का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लेना था। यह हमला उस समय हुआ जब विमान जॉर्डन के ऊपर आसमान में उड़ान भर रहा था। हालांकि, कैप्टन स्मित ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरी वक्त तक संघर्ष करते हुए कॉकपिट से बाहर निकलने में सफल रहे। इसके तुरंत बाद यात्रियों ने बेहद मुस्तैदी से स्थिति को संभाला और हमलावर को कसकर दबोच लिया, जिससे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय विमान हादसा टल गया।








