बीजिंग। चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली यांग्त्जी नदी पर एक विशाल वॉटर वे (जलमार्ग) प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू कर दिया है। करीब 11.4 अरब डॉलर (लगभग 77.2 अरब युआन) की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत दुनिया का सबसे बड़ा इनलैंड शिप लॉक (अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का लॉकिंग सिस्टम) तैयार किया जा रहा है।
15वीं पंचवर्षीय योजना का पहला बड़ा प्रोजेक्ट
यह मेगा प्रोजेक्ट चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के तहत शुरू किया गया है, जो इस नई योजना की पहली सबसे बड़ी राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजना है। इसके तहत दुनिया के सबसे बड़े जलविद्युत बांध 'थ्री गोर्जेस डैम' के पास पहले से मौजूद शिप लॉक के समानांतर (पैरेलल) एक नया जलमार्ग बनाया जाएगा।
कैसा होगा नया शिप लॉक सिस्टम?
इस नए प्रोजेक्ट में दोहरी लाइन (डबल-लेन) वाला पांच चरणों का एक विशाल शिप लॉक सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 6.7 किलोमीटर होगी। इस सिस्टम की मदद से 10,000 टन तक के विशाल मालवाहक जहाज आसानी से बांध को पार कर सकेंगे। इसके प्रत्येक लॉक चैंबर (पानी के ब्लॉक) की लंबाई 280 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर होगी। यह एक सीढ़ी की तरह काम करेगा, जिससे जहाजों को पानी के स्तर के हिसाब से ऊपर उठाया या नीचे उतारा जा सकेगा।
चीन की 40% जीडीपी वाले क्षेत्र को फायदा
जानकारों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट सिर्फ जहाजों की आवाजाही को ही आसान नहीं बनाएगा, बल्कि यांग्त्जी नदी के किनारे बसे चीन के 11 राज्यों (आर्थिक गलियारे) की किस्मत बदल देगा। यह पूरा क्षेत्र चीन की कुल आबादी और देश की जीडीपी (GDP) का 40 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सा पैदा करता है। इतना ही नहीं, चीन की टॉप 500 कंपनियों में से करीब 200 कंपनियां इसी इकोनॉमिक कॉरिडोर में काम करती हैं। यांग्त्जी नदी दुनिया की तीसरी सबसे लंबी नदी है, जिसके किनारे चीन के सबसे बड़े औद्योगिक और व्यापारिक शहर बसे हैं।
क्षमता से ज्यादा बढ़ा दबाव, इसलिए पड़ी जरूरत
थ्री गोर्जेस बांध के मौजूदा शिप लॉक सिस्टम को सालाना 10 करोड़ टन माल की ढुलाई संभालने के लिए डिजाइन किया गया था। लेकिन चीन के तेजी से बढ़ते व्यापार के कारण इस सिस्टम ने यह लक्ष्य तय समय से 19 साल पहले ही पार कर लिया। हाल ही में इस मार्ग से रिकॉर्ड 17.3 करोड़ टन माल की आवाजाही हुई, जिससे यहां जहाजों का लंबा जाम लगने लगा और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ गई। इसी भारी दबाव और बॉटलनेक (रुकावट) को खत्म करने के लिए चीनी सरकार ने इस नए वॉटर वे प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई है, ताकि व्यापार को कई गुना बढ़ाया जा सके।
प्रोजेक्ट के साथ जुड़े विवाद और चिंताएं
एक तरफ जहां थ्री गोर्जेस डैम ने चीन को भारी मात्रा में बिजली उत्पादन और आर्थिक तरक्की दी है, वहीं शुरुआत से ही इसके साथ कई बड़े विवाद भी जुड़े रहे हैं। इस विशाल बांध के निर्माण के कारण पहले ही 10 लाख से ज्यादा स्थानीय लोगों को अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगहों पर विस्थापित होना पड़ा था। इसके अलावा, वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर पानी का भंडारण बढ़ने से आसपास के इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है।









