नई दिल्ली। देश भर में मानसून के जोर पकड़ने के साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य और पूर्वी राज्यों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई इलाकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर में मौसम के तेवर
उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिनों के दौरान मौसम में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक, 16 और 17 अगस्त को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर तेज होगा। आकाशीय बिजली और तेज झोंके वाली हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों, पुराने मकानों और बड़े पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की आशंका, यात्रा में सावधानी बरतने की हिदायत
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें जाम होने का जोखिम बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी और आधिकारिक एडवाइजरी जांचने के बाद ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
मौसम प्रणालियों की सक्रियता से बढ़ा नमी का दबाव
मौसम में आए इस बदलाव के पीछे कई मौसमी तंत्र काम कर रहे हैं। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जिससे गर्जन-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
किसानों और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन
मौसम विभाग ने प्रतिकूल परिस्थितियों से बचने के लिए अलर्ट जारी किया है:
बिजली चमकने पर: खेत, खुले मैदान और पानी वाले इलाकों से तुरंत दूर हो जाएं तथा सुरक्षित इमारतों में शरण लें।
यातायात में सतर्कता: सड़कों पर पानी भरने और कम दृश्यता की स्थिति में गाड़ियाँ धीमी गति से चलाएं।
किसानों को सलाह: तेज हवा और भारी बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए सिंचाई और छिड़काव का काम रोक दें।
तटीय क्षेत्र: समुद्र में जाने वाले मछुआरों को स्थानीय चेतावनियों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।









