वाशिंगटन। प्रख्यात भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला करने वाले अमेरिकी नागरिक हादी मतार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। न्यू यॉर्क की एक संघीय जूरी (Federal Jury) ने उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद में शामिल होने और प्रतिबंधित लेबनानी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को सहायता प्रदान करने का दोषी ठहराया है।
उम्रकैद की हो सकती है सजा
सलमान रुश्दी पर हुए कातिलाना हमले के मामले में 24 वर्षीय हादी मतार पहले से ही 25 साल की जेल की सजा काट रहा है। हालांकि, अब इन नए और गंभीर संघीय आतंकवादी आरोपों के साबित होने के बाद उसे उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा हो सकती है।
ईरानी फतवे और भाषण से था प्रभावित
अदालत में सरकारी वकीलों (अभियोजकों) ने ठोस सबूत पेश करते हुए बताया कि हादी मतार 1989 में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता द्वारा सलमान रुश्दी के खिलाफ जारी किए गए मृत्यु के फतवे से प्रेरित था। इसके अलावा, वह 2006 में हिजबुल्लाह के पूर्व प्रमुख द्वारा दिए गए उस भड़काऊ भाषण से भी अत्यधिक प्रभावित था, जिसमें इस फतवे पर अमल करने की बात कही गई थी।









