होर्मुज स्ट्रेट में बड़ा हमला, दो व्यापारिक जहाज बने मिसाइलों का निशाना

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दुबई/वाशिंगटन। खाड़ी क्षेत्र के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) से एक बेहद तनावपूर्ण खबर सामने आई है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सोमवार की रात इस जलमार्ग से गुजर रहे कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों को निशाना बनाते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कम से कम दो मिसाइलें दागी हैं। इस औचक हमले के बाद दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्ग में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं और क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है।

व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर दागी गईं मिसाइलें

अमेरिकी खुफिया और नौसेना सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप वाणिज्यिक जहाज इस समुद्री मार्ग से अपना सफर तय कर रहे थे। ईरान की ओर से दागी गईं ये मिसाइलें जहाजों के बिल्कुल करीब आकर समंदर में गिरीं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी भी जहाज को सीधा नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही किसी क्रू मेंबर के हताहत होने की खबर है। अमेरिकी नौसेना के सेंट्रल कमांड ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में अपनी गश्त और निगरानी बढ़ा दी है।

वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे संवेदनशील मार्ग

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी दुनिया की लाइफलाइन माना जाता है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां (20%) हिस्सा इसी तंग जलमार्ग से होकर गुजरता है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह समुद्री रास्ता खाड़ी के तेल उत्पादकों (जैसे सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक) को दुनिया के बाकी बाजारों से जोड़ता है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में इस तरह की उकसावे वाली कार्रवाई वैश्विक व्यापारिक स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है और इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का खतरा बढ़ सकता है।

क्षेत्र में बढ़ा टकराव और अलर्ट पर अमेरिकी नौसेना

इस मिसाइल हमले के बाद खाड़ी देशों और पश्चिमी ताकतों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। अमेरिकी नौसेना के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हर जरूरी कदम उठा रहे हैं। फिलहाल ईरान की सरकार या उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की तरफ से इस मिसाइल परीक्षण या हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस घटना के बाद हिंद महासागर और खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले अन्य जहाजों को भी विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत दी गई है।