रावलकोट: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में बुनियादी अधिकारों, बेतहाशा महंगाई और बिजली की बढ़ी हुई दरों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर सुरक्षा बलों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स द्वारा की गई इस बर्बर फायरिंग में कम से कम 16 प्रदर्शनकारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 37 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह खूनी झड़प उस समय हुई जब हजारों की संख्या में स्थानीय लोग अपने राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों को लेकर सड़क पर उतरे थे।
ईदगाह मैदान में शांतिपूर्ण भीड़ पर सेना ने दागीं गोलियां
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक अपनी मांगें रख रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स और सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उन पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से मैदान में चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से आनन-फानन में घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
JAAC पर प्रतिबंध के बाद और भड़का जन-आक्रोश
PoK में पिछले कई दिनों से सस्ती बिजली, सब्सिडी वाले गेहूं-चावल और अधिक लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर जन-आंदोलन चल रहा है। हाल ही में वहां के प्रशासन द्वारा इस आंदोलन की अगुवाई कर रही 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद तनाव और ज्यादा गहरा गया। गुस्साए लोगों को दबाने के लिए प्रशासन ने कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की हैं तथा सुरक्षा के नाम पर कुछ अशांत क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं भी पूरी तरह बंद कर दी हैं।
बर्बर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे महिला और बच्चे
रावलकोट में हुए इस भीषण गोलीकांड की खबर फैलते ही खाई गाला समेत PoK के कई अन्य इलाकों में विरोध प्रदर्शन और ज्यादा तेज हो गए हैं। सुरक्षा बलों की इस बर्बर कार्रवाई के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा है, जिसके विरोध में पूरे क्षेत्र में बाजार पूरी तरह बंद रहे। सुरक्षा बलों की ज्यादतियों के खिलाफ पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने भी सड़कों पर उतरकर मार्च निकाला और पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।








