United States और Iran के बीच शांति समझौते की खबर से हलचल

0
4

वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तीन महीने से अधिक समय से जारी भीषण सैन्य संघर्ष (पश्चिम एशिया युद्ध) को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक शांति समझौता (Peace Deal) हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद शांति समझौते (MOU) को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

इस ऐतिहासिक समझौते पर 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में औपचारिक रूप से आमने-सामने (In-Person) हस्ताक्षर किए जाएंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, इस हस्ताक्षर समारोह के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस (JD Vance) करेंगे।

डिजिटल हस्ताक्षर संपन्न, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलेगा

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, इस समझौते के प्रारंभिक मसौदे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ डिजिटल (इलेक्ट्रॉनिक) माध्यम से पहले ही हस्ताक्षर कर चुके हैं।

  • नौसैनिक नाकेबंदी खत्म: समझौता पूरा होते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने के आदेश दे दिए हैं।

  • तनाव से राहत: ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 'बधाई' संदेश लिखते हुए कहा कि शुक्रवार (19 जून) को औपचारिक हस्ताक्षर के बाद यह महत्वपूर्ण वैश्विक तेल मार्ग पूरी तरह टोल-फ्री और स्वतंत्र आवाजाही के लिए खुल जाएगा, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी।

14 बिंदुओं का मसौदा: परमाणु कार्यक्रम और जमी हुई संपत्ति पर डील

दोनों देशों के बीच मध्यस्थ देश पाकिस्तान (प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर) की मदद से 14 बिंदुओं का एक प्रारंभिक सहमति पत्र तैयार किया गया है। इसके तहत अगले 60 दिनों तक दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की वार्ताएं जारी रहेंगी।

  • परमाणु प्रतिबद्धता: उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने स्पष्ट किया है कि इस डील के तहत अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को "बिल्कुल" ईरान लौटने की अनुमति दी जाएगी और ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगा।

  • 28 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का सच: मीडिया में ईरान को पुनर्निर्माण के लिए 28 लाख करोड़ रुपये ($300 Billion) दिए जाने की खबरों को राष्ट्रपति ट्रंप ने 'फेक न्यूज' बताते हुए खारिज किया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका वार्ता शुरू होने से पहले ईरान की फ्रीज (जब्त) की गई संपत्तियों में से लगभग 12 बिलियन डॉलर (96,000 करोड़ रुपये से अधिक) की राशि जारी करने पर सहमत हुआ है।

ईरानी राष्ट्रपति बोले- "यह हमारी जीत का दस्तावेज"

तेहरान का रुख: इस बीच, ईरान ने इस समझौते को अपनी बहुत बड़ी कूटनीतिक और सैन्य सफलता के रूप में पेश किया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इसे “जीत का दस्तावेज” घोषित करते हुए कहा कि ईरान ने युद्ध के मैदान और कूटनीति दोनों में अपनी शर्तों को मनवाया है। वहीं, ईरान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि इस समझौते ने साबित कर दिया है कि अमेरिकी और इजरायली ताकतों को हमारी इच्छा के आगे झुकना पड़ा। ईरान ने यह भी तंज कसा कि इस समझौते से इजराइल की बौखलाहट ही यह साफ करने के लिए काफी है कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में पूरी तरह सफल रहा है।

इस समझौते को 21वीं सदी के पश्चिम एशिया इतिहास का सबसे बड़ा 'यू-टर्न' माना जा रहा है, जो क्षेत्र में युद्ध को रोककर एक नए रणनीतिक युग की शुरुआत करेगा।