ट्रंप का ईरान को सख्त संदेश: ‘एक हजार मिसाइलें लॉक एंड लोडेड’, हत्या की साजिश पर दी चेतावनी

0
7

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने एक बार फिर चिंताजनक स्थिति उत्पन्न कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक अत्यंत कठोर सैन्य चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि उनकी जान लेने का कोई भी प्रयास किया गया, तो अमेरिका ईरान पर भारी हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने अपनी चेतावनी में दावा किया है कि ईरान पर निशाना साधती हुई 1000 मिसाइलें वर्तमान में तैयार हैं और भविष्य की आवश्यकता के अनुसार उनकी संख्या में और अधिक वृद्धि की जा सकती है।

ट्रंप की सैन्य चेतावनी और जवाबी कार्रवाई का संकल्प

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि ईरानी सरकार द्वारा उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की हत्या की साजिश रची जाती है, तो अमेरिका इसका तत्काल और विनाशकारी जवाब देगा। उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिकी सेना को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं और अमेरिका के पास ईरान के हर हिस्से को पूरी तरह से नष्ट करने की सामरिक क्षमता मौजूद है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस सैन्य तैयारी को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है, जो ईरान के लिए एक कड़ा संदेश है।

ईरान का अविश्वास और पूर्ण रक्षा की तैयारी

दूसरी ओर, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका पर तीखा प्रहार करते हुए साफ कर दिया है कि तेहरान को वाशिंगटन पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। गालिबाफ ने हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान किसी भी समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की स्थिति में अपनी पूर्ण रक्षा के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वही देश अमेरिका से संवाद कर सकता है जो हर परिस्थिति में युद्ध के लिए मुस्तैद हो, और ईरान अपनी सुरक्षा व जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है।

सीजफायर के खात्मे की घोषणा

तनाव के इसी क्रम में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अन्य बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच पूर्व में लागू सीजफायर अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि ईरान ने उनसे बातचीत जारी रखने का आग्रह किया था, जिस पर अमेरिका ने सहमति तो दी है, लेकिन सीजफायर की शर्तों को अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। इन बयानों ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की जगह सैन्य टकराव की संभावनाओं को और अधिक बढ़ा दिया है।