ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी, ग्वालियर में महंगी घड़ियां गायब

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ग्वालियर: ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी के क्षेत्र से धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ग्वालियर पुलिस ने इस संबंध में एक बड़ी एफआईआर (FIR) दर्ज करते हुए दो लोगों के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक कारोबारी को हुए आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी ई-कॉमर्स सप्लाई चेन की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। शहर के जनकगंज थाना क्षेत्र में एक व्यापारी द्वारा भेजे गए महंगे सामान कथित तौर पर ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में बदल दिए गए।

महंगे सामान की जगह पार्सल से निकले पत्थर

जानकारी के मुताबिक, गिरवाई नाका (लश्कर) के रहने वाले कारोबारी भूपेंद्र कुशवाह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए देश के अलग-अलग शहरों में सामान की सप्लाई करते हैं। उन्हें जब ऑनलाइन ऑर्डर मिले, तो उन्होंने तय प्रक्रिया के तहत सामान पैक कर डिलीवरी चैनल के हवाले कर दिया। लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें ग्राहकों की तरफ से शिकायतें मिलने लगीं कि पार्सल में वह सामान है ही नहीं, जिसका उन्होंने ऑर्डर दिया था। ग्राहकों ने जब पार्सल खोले तो उनमें चाइना मॉडल लाइट्स, घड़ियां और अन्य महंगे उत्पादों की जगह पत्थर और प्लास्टिक के टुकड़े भरे हुए थे। इसके बाद ग्राहकों ने अपने ऑर्डर वापस (रिटर्न) करना शुरू कर दिया।

व्यापारी को डेढ़ लाख का फटका और साख का नुकसान

इस पूरे फर्जीवाड़े के कारण शिकायतकर्ता भूपेंद्र कुशवाह को करीब डेढ़ लाख रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा, ग्राहकों का भरोसा टूटने से उनकी तीन जीएसटी (GST) फर्मों का पूरा व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कारोबार की रफ्तार थम गई है। व्यापारी का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान रास्ते में पैकेटों के साथ छेड़छाड़ की गई, असली सामान निकाला गया और उसकी जगह बेकार कचरा भर दिया गया। लगातार आ रही शिकायतों और रद्द होते ऑर्डर्स के कारण उनकी साख पर भी गहरा असर पड़ा है, जो किसी भी छोटे या मध्यम व्यापारी के लिए एक बड़ा संकट है।

पुलिस जांच के दायरे में दो आरोपी

व्यापारी की शिकायत मिलने के बाद जनकगंज थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर दो आरोपियों—गगन शाक्य और आशु ठाकुर उर्फ राजकुमार के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब डिलीवरी की पूरी प्रक्रिया, पैकेटों के मूवमेंट और इस काम से जुड़े अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस धोखाधड़ी के पीछे कोई बड़ा गैंग तो काम नहीं कर रहा है।

ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए बड़ी चेतावनी

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन खरीद-बिक्री के इस दौर में सप्लाई चेन की सुरक्षा सबसे अहम कड़ी बन चुकी है। यदि रास्ते में ही पैकेटों से छेड़छाड़ हो रही है, तो यह ग्राहक और विक्रेता दोनों के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसी घटनाओं से ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स की विश्वसनीयता पर भी आंच आती है।

सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग के लिए जरूरी टिप्स

  • ग्राहकों के लिए: कोई भी महंगा सामान मिलने पर उसकी अनबॉक्सिंग (पार्सल खोलते समय) का पूरा वीडियो जरूर रिकॉर्ड करें। पार्सल की सील, उसका वजन और पैकेजिंग की स्थिति पर पैनी नजर रखें। कुछ भी संदिग्ध लगने पर तुरंत कंपनी और पुलिस को इसकी जानकारी दें।

  • व्यापारियों के लिए: अपने सामान की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पैकिंग लेयर्स, बेहतर ट्रैकिंग सिस्टम और ट्रांजिट इंश्योरेंस (बीमा) जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग करें ताकि ऐसे नुकसान से बचा जा सके।