गोरखपुर। 'जनसेवा सर्वोपरि' की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह मौसम खराब होने के बावजूद लोगों की समस्याएं सुनने के लिए 'जनता दर्शन' कार्यक्रम का आयोजन किया। बारिश के बीच भी प्रदेश के दूर-दराज इलाकों से पहुंचे नागरिकों से उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात की और उनकी समस्याएं पूरी आत्मीयता से सुनीं।
अपनी फरियाद लेकर पहुंचे लोगों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा, "घबराइए बिल्कुल नहीं, प्रत्येक समस्या का समुचित समाधान कराया जाएगा। सरकार हर जरूरतमंद की पूरी मदद करेगी।" जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर पीड़ित की समस्या को संवेदनशीलता से लें और उसका त्वरित, समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करें।
सभागार में सुनीं 250 लोगों की समस्याएं, भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 250 लोगों की फरियाद सुनी और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के आदेश दिए।
सभा में बैठी जनता के पास खुद पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं जानीं और समाधान का भरोसा दिया। इस अवसर पर कुछ महिलाओं ने परिजनों द्वारा जमीन पर कब्जे की शिकायत की, तो कुछ ने दबंगों द्वारा जमीन हड़पने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पारिवारिक भूमि विवादों में सही पैमाइश व जांच के बाद निष्पक्ष फैसला किया जाए। वहीं, यदि किसी भू-माफिया या दबंग ने गरीब की जमीन पर अवैध कब्जा किया है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएं।
इलाज के लिए मिलेगी पर्याप्त आर्थिक सहायता
हमेशा की तरह इस शनिवार को भी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाने पहुंचे थे। ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को बिना किसी विलंब के पूरा कराकर शासन को भेजें। उन्होंने आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि मुहैया कराई जाएगी।
गोरखनाथ मंदिर की गौशाला में की गौ-सेवा
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या पूर्ववत रही। प्रातकाल उन्होंने गुरु गोरखनाथ और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे मंदिर की गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गौ-सेवा की और गौवंश को अपने हाथों से गुड़ व रोटी खिलाकर स्नेह जताया।









