ICC ने सुनाया फैसला, बेन स्टोक्स वीडियो विवाद में ECB पर क्या हुई कार्रवाई?

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अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय संन्यास वाले विदाई भाषण का वीडियो सार्वजनिक होने के मामले में क्लीन चिट दे दी है। इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच पूरी करने के बाद आईसीसी ने ईसीबी को बड़ी राहत दी है। इससे पूर्व, इस वीडियो फुटेज के सामने आने के बाद यह गंभीर आरोप लगे थे कि इसके प्रसारण से क्रिकेट के भ्रष्टाचार विरोधी सख्त नियमों और प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन हुआ है।

यह विवाद तब गहराया था जब आईसीसी ने ईसीबी को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया था। दरअसल, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज के मैदान पर खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दौरान ही बेन स्टोक्स द्वारा ड्रेसिंग रूम में अपने साथी खिलाड़ियों के समक्ष अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने की बेहद निजी फुटेज एक ब्रॉडकास्टिंग चैनल पर प्रसारित कर दी गई थी और साथ ही इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी अपलोड कर दिया गया था।

क्यों खड़ा हुआ था विवाद? मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो दिखाना नियमों के खिलाफ

राजनैतिक और खेल समीक्षकों के अनुसार, जिस वक्त बेन स्टोक्स का यह विदाई भाषण सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर जारी किया गया, उस समय मैदान पर मैच लाइव चल रहा था। इसी लाइव टाइमिंग के कारण यह पूरा मामला जांच के दायरे में आ गया, क्योंकि क्रिकेट के नियमों के तहत खिलाड़ियों का ड्रेसिंग रूम 'प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया' (PMOA) का एक अत्यंत संवेदनशील और सुरक्षित हिस्सा माना जाता है।

यह विशेष क्षेत्र खेल में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या भ्रष्टाचार से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए आईसीसी के सबसे कड़े न्यूनतम सुरक्षा मानकों के अंतर्गत आता है। आईसीसी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए 4 जुलाई को ईसीबी को एक पत्र भेजकर जवाब तलब किया था। इसके बाद ईसीबी ने इन सभी आरोपों पर अपना विस्तृत और स्पष्ट जवाब दाखिल किया, जिससे संतुष्ट होकर अब बिना किसी दंडात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई के इस संवेदनशील मामले को हमेशा के लिए बंद (फाइल क्लोज) कर दिया गया है। फिलहाल इस मामले के निपटारे पर आईसीसी और ईसीबी दोनों ही शीर्ष संस्थाओं ने आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।

क्या हैं पीएमओए (PMOA) के कड़े नियम? सुरक्षा और गोपनीयता सर्वोपरि

आईसीसी की आचार संहिता के अनुसार, 'प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया' (PMOA) के न्यूनतम मानकों के अनुच्छेद 2.2.11 का स्पष्ट नियम है कि सभी सदस्य क्रिकेट बोर्डों को यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होता है कि लाइव मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम के भीतर वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग के लिए किसी भी तरह के कैमरे न लगाए जाएं। आईसीसी ने ईसीबी को भेजे गए अपने दिशा-निर्देशों में साफ किया था कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में पीएमओए के भीतर कोई फुटेज रिकॉर्ड भी की जाती है, तो उसमें किसी भी प्रकार का ऑडियो (आवाज) नहीं होना चाहिए।

इसके साथ ही, उस फुटेज को मैच पूरी तरह समाप्त होने से पहले किसी भी बाहरी ब्रॉडकास्टर या मीडिया चैनल को नहीं सौंपा जा सकता। यदि कोई बेहद जरूरी अपवाद की स्थिति बनती भी है, तो इसके लिए मैदान पर मौजूद एंटी करप्शन मैनेजर की लिखित और विशेष अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इन नियमों के अनुसार, किसी भी स्वीकृत वीडियो की कुल अवधि दो मिनट से अधिक नहीं हो सकती है।

मैदान पर लाइव ओवर के बीच सार्वजनिक हुआ था भावुक विदाई भाषण

इंग्लैंड के कप्तानों में शुमार बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला के आखिरी मुकाबले के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने अचानक संन्यास की घोषणा कर सबको चौंका दिया था। उस दिन खेल प्रारंभ होने से ठीक पहले उन्होंने ड्रेसिंग रूम में एकत्रित सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को भावुक होकर बताया था कि यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम मुकाबला होने जा रहा है।

इस पूरी बातचीत का वीडियो उस समय अचानक सार्वजनिक कर दिया गया, जब स्टोक्स मैदान पर एक ओवर के बीच में गेंदबाजी कर रहे थे। खेल के बीच में इस वीडियो को जारी करने का यह विवादित निर्णय बेन स्टोक्स के निजी प्रतिनिधियों और ईसीबी के कुछ शीर्ष प्रचार अधिकारियों ने मिलकर लिया था, जो बाद में विवाद की मुख्य वजह बना।

विवाद पर बेन स्टोक्स की आई थी तीखी प्रतिक्रिया, नियमों की अहमियत पर दोबारा बहस

इस पूरे घटनाक्रम पर स्वयं बेन स्टोक्स ने स्पष्ट किया था कि वीडियो को कब और कैसे जारी करना है, इसकी पूरी व्यवस्था और योजना उन्होंने अपने प्रतिनिधियों तथा बोर्ड के अधिकारियों पर छोड़ दी थी। स्टोक्स ने कहा, 'मैंने सिर्फ इतना निर्देश दिया था कि आप लोग माइकल लम्ब और नील फेयरब्रदर के साथ बैठकर इसकी सही रूपरेखा तैयार कर लें।' बाद में जब मीडिया में यह खबरें आईं कि आईसीसी इस मामले को लेकर ईसीबी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने जा रहा है, तो स्टोक्स ने इस पर सोशल मीडिया पर बेहद संक्षिप्त और तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सिर्फ "Sack him" (उसे बर्खास्त करो) लिखा था।

यद्यपि इंग्लैंड की टीम इस घरेलू टेस्ट मैच और तीन मैचों की श्रृंखला को 1-2 से हार गई थी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि आईसीसी ने अंततः इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करने का बड़ा फैसला लिया है। लेकिन इस पूरे विवाद ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ड्रेसिंग रूम के अंदर कैमरों की मौजूदगी और उससे जुड़े नियमों की गंभीरता को पूरी दुनिया के सामने रेखांकित कर दिया है। विदित हो कि पीएमओए के ये कड़े नियम खेल को पूरी तरह साफ-सुथरा रखने और किसी भी प्रकार के भ्रष्ट दृष्टिकोण व बाहरी संपर्कों को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से लागू किए गए थे।