केरल पुलिस ने मशहूर ट्रांसजेंडर मेकअप आर्टिस्ट जानमोनी के विरुद्ध एक औपचारिक मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां किए जाने के बाद की गई है। कोझिकोड साइबर पुलिस स्टेशन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष नव्या हरिदास की आधिकारिक शिकायत के आधार पर यह कदम उठाया है। आइए जानते हैं कि इस पूरे प्रकरण की पृष्ठभूमि क्या है।
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई थीं टिप्पणियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दर्ज की गई प्राथमिकी (एफआईआर) में यह आरोप लगाया गया है कि आरोपी मेकअप आर्टिस्ट जानमोनी ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री के विरुद्ध अपमानजनक बातें प्रसारित की थीं। इस सामग्री का उद्देश्य कथित तौर पर जनमानस में अशांति उत्पन्न करना और सामाजिक सौहार्द को बाधित करना था। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर केरल पुलिस ने प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी मेकअप आर्टिस्ट द्वारा मांगी गई थी सार्वजनिक माफी
इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद, संबंधित सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर अपने बकवास और बयानों पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। वीडियो संदेश में यह कहा गया था कि यदि उनकी टिप्पणियों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इस बात का गहरा खेद है। जानमोनी ने यह भी स्वीकार किया था कि इस प्रकार की प्रतिक्रिया देने से पूर्व उन्हें तथ्यों की सत्यता की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए थी।
कब और कैसे उपजा था यह पूरा विवाद?
यह पूरा घटनाक्रम तब प्रारंभ हुआ जब नई दिल्ली में छात्रों द्वारा किए गए एक हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए जानमोनी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के सोशल मीडिया पर आने के बाद उनकी तीखी आलोचना हुई थी।
बाद में अपनी सफाई में इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए जानमोनी ने स्पष्ट किया था कि उनके वीडियो से उत्पन्न विवाद का उन्हें पूर्व अनुमान नहीं था। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिल्ली के प्रदर्शन से संबंधित ऑनलाइन सामग्री देखने के बाद प्रतिक्रिया दी थी और शायद वह मलयालम भाषा में अपनी बात को सटीक रूप से नहीं रख पाई थीं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री के परिवार या उनकी माता के संदर्भ में कोई भी टिप्पणी करने का नहीं था, और उनका बयान केवल ऑनलाइन देखे गए कंटेंट पर आधारित था।








