बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्थित बिलासपुर केंद्रीय कारागार की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। जेल परिसर के भीतर से निर्मित एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित (वायरल) हो रहा है। यह वीडियो बंदियों से मुलाकात के दौरान परिसर के आंतरिक क्षेत्र में रिकॉर्ड किया गया है, जिसके उपरांत कारागार की सुरक्षा प्रणाली तथा आगंतुकों की सघन जांच प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
कारागार परिसर के भीतर वीडियो निर्माण का मामला
प्राप्त विवरण के अनुसार, बंदियों से भेंट करने हेतु आए कुछ आगंतुकों द्वारा कारागार परिसर के भीतर मोबाइल फोन का उपयोग कर वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। तत्पश्चात इस दृश्य सामग्री को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। वीडियो में कारागार का आंतरिक परिसर तथा बंदी मुलाकात क्षेत्र स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो रहा है। वीडियो के सार्वजनिक होने के पश्चात प्रशासनिक तंत्र में खलबली मच गई है।
उच्च सुरक्षा परिसर में सुरक्षा चूक पर उठे प्रश्न
केंद्रीय कारागार जैसे अति-संवेदनशील एवं उच्च सुरक्षा वाले स्थान में मोबाइल उपकरण के प्रवेश को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमानुसार, कारागार में प्रवेश से पूर्व प्रत्येक आगंतुक की विस्तृत एवं कड़ी शारीरिक जांच की जाती है। मोबाइल, कैमरा तथा अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परिसर के भीतर ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद उपकरण का भीतर पहुंच जाना जांच प्रक्रिया में बड़ी शिथिलता को दर्शाता है।
पूर्व में भी उजागर हो चुके हैं सुरक्षा उल्लंघन के मामले
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर केंद्रीय कारागार से सुरक्षा में चूक के ऐसे मामले पूर्व में भी सामने आ चुके हैं। विगत कुछ माह पूर्व कारागार की बैरक के भीतर से एक बंदी का मोबाइल पर वार्ता करते हुए वीडियो प्रसारित हुआ था। उस समय भी प्रशासन द्वारा जांच एवं कार्यवाही का आश्वासन दिया गया था, किंतु धरातल पर स्थितियों में अपेक्षित सुधार पर प्रश्नचिह्न बना हुआ है।
कैदियों की मृत्यु एवं प्रबंधकीय व्यवस्थाओं पर सवाल
इसके अतिरिक्त, विगत एक वर्ष की अवधि के दौरान बिलासपुर केंद्रीय जेल में लगभग 6 बंदियों की मृत्यु के मामले भी व्यवस्थाओं को लेकर विवाद का विषय रहे हैं। परिजनों द्वारा समय-समय पर प्रबंधन पर लापरवाही तथा समुचित चिकित्सीय सुविधा न प्रदान करने के आरोप लगाए गए हैं। लगातार घटित हो रही अप्रिय घटनाओं तथा सुरक्षा उल्लंघन के मामलों से कारागार प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं।
सुरक्षा कढ़ी करने का प्रशासनिक आश्वासन
पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कारागार प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा जांच के उपरांत भी कुछ लोग चालाकी से उपकरण छिपाकर भीतर ले जाने में सफल हो जाते हैं। कारागार अधीक्षक के अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु जांच व्यवस्था को और अधिक कठोर एवं सुदृढ़ बनाया जाएगा।









