बाजार में तेजी की वापसी, सेंसेक्स 176 अंक ऊपर; 23,100 के पार पहुंचा निफ्टी

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मुंबई।गुरुवार को शेयर बाजार में हुई चौतरफा बिकवाली के कारण निवेशकों की पूंजी में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, किंतु शुक्रवार के सत्र में बाजार ने आंशिक राहत की सांस ली है। वैश्विक बाजारों से प्राप्त मिश्रित संकेतों तथा कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई मामूली नरमी के फलस्वरूप दलाल स्ट्रीट ने हरे निशान के साथ सकारात्मक शुरुआत की। प्रातः 9 बजकर 29 मिनट पर सेंसेक्स 176.20 अंक (0.23%) की बढ़त के साथ 73,756.74 के स्तर पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया, जबकि निफ्टी 46.50 अंक मजबूत होकर 23,109.60 (0.20%) के स्तर पर व्यापार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 14 पैसे की मजबूती के साथ 95.85 के स्तर पर पहुंच गया।

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआती चाल और आंकड़े

गुरुवार के भारी मंदी के दौर के पश्चात आज घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों में सतर्क रुख देखा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी-50 आज प्रातः 23,221.80 के स्तर पर खुला। पिछले सत्र के बंद स्तर (23,063.10) की तुलना में बाजार ने शुरुआती दौर में 100 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की, जिससे शुरुआती कारोबार में निफ्टी 23,050 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बना रहा। इसी प्रकार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स भी कारोबार के आरंभ में ही 100 से अधिक अंकों की तेजी के साथ खुला।

वर्तमान बाजार रुख और तकनीकी स्थिति

वर्तमान में बाजार अपने निचले स्तरों से एक तकनीकी सुधार (टेक्निकल बाउंस-बैक) प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहा है। गत सत्र में जहां सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए थे, वहीं आज के सत्र के आरंभ में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और ट्रेंट जैसी प्रमुख कंपनियां शीर्ष लाभ कमाने वाली (टॉप गेनर्स) कंपनियों में शामिल होकर बाजार को संभालती नजर आईं।

तथापि, ऊंचे स्तरों पर बाजार में अभी भी सतर्कता का माहौल है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कल की भारी गिरावट के उपरांत यह एक अल्पकालिक शॉर्ट-कवरिंग रैली हो सकती है, किंतु जब तक निफ्टी 23,200 से 23,300 के मजबूत प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र को पार करके स्थिर नहीं होता, तब तक बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख वैश्विक कारक

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही कई बड़ी घटनाएं निवेशकों के मनोभावों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रही हैं:

  • अमेरिका-ईरान कूटनीतिक चर्चाएं: प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के मध्य युद्ध की समाप्ति तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः संचालित करने हेतु चरणबद्ध समझौतों पर विचार चल रहा है। इस सूचना के प्रभाव से कच्चे तेल के मूल्यों में हल्की नरमी आई है और यह लगभग 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर है।

  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का प्रभाव: संयुक्त राज्य अमेरिका में 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड उच्च स्तर (लगभग 5.16%) पर बनी हुई है, जिसके कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजारों से पूंजी निकासी का रुख जारी है। पिछले सत्र में ही FIIs द्वारा 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बिकवाली की गई है।

  • एशियाई बाजारों की स्थिति: आज एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा है। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1% से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार स्थानीय अवकाश के कारण आज बंद हैं।

निवेशकों हेतु रणनीतिक सुझाव

वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए बाजार एक संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है। यदि निफ्टी अपने 23,000 के मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर को नीचे की ओर तोड़ता है, तो बाजार में घबराहट की बिकवाली (पैनिक सेलिंग) बढ़ सकती है, जो इसे 22,700 के स्तर की ओर धकेल सकती है।

इसके विपरीत, यदि बाजार आज बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहता है, तो यह आगामी सत्रों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि साप्ताहिक एक्सपायरी के अगले दिन अत्यधिक आक्रामक ट्रेडिंग से बचें और केवल मजबूत बुनियादी आधार (फंडामेंटल) वाले शेयरों में ही क्रमिक निवेश पर विचार करें।