बेटियां पैदा होने के बाद बढ़ी प्रताड़ना? विवाहिता की मौत मामले में पति समेत 3 गिरफ्तार

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बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। बिलासपुर जिले में दहेज के लालच और दो पुत्रियों (बेटियों) के जन्म के उपरांत एक नवविवाहिता की नृशंस तरीके से गला घोंटकर हत्या करने का अत्यंत गंभीर मामला प्रकाश में आया है। हत्या के इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने के पश्चात आरोपियों ने वारदात के साक्ष्यों को छुपाने और पूरे घटनाक्रम को आत्महत्या का रूप देने के लिए मृतका के शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया था। अंततः पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के उपरांत स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति, देवर और सास को गिरफ्तार कर लिया है। माननीय न्यायालय के आदेशानुसार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

मायके से नगद राशि लाने का था दबाव

पुलिस से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, सकरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सकर्रा की निवासी 26 वर्षीय दुर्गा निर्मलकर का विवाह वर्ष 2022 में ग्राम सैदा निवासी 30 वर्षीय रोहित निर्मलकर के साथ हुआ था। वैवाहिक जीवन के शुरुआती समय के बाद जब दुर्गा ने दो बेटियों को जन्म दिया, तो उसके ससुराल पक्ष के लोग उससे असंतुष्ट हो गए। मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि दूसरी बेटी के जन्म के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग मृतका को मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित करने लगे थे। उस पर लगातार यह दबाव बनाया जा रहा था कि वह अपने मायके से एक लाख पैंसठ हजार (1,65,000) रुपये की नगद रकम लेकर आए।

निर्दयीता से पिटाई के बाद पट्टे से घोंटा गला

घटना दिवस यानी 26 सितंबर को ससुराल के भीतर किसी बात को लेकर हुए विवाद के दौरान इन आरोपियों ने दुर्गा की बेरहमी से पिटाई की। इसके पश्चात उन्होंने घर में रखे एक पट्टे से उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही प्राण-पखेरू उड़ गए। हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई और साक्ष्य से बचने की नीयत से मृतका की साड़ी का फंदा बनाकर उसके शव को कमरे की छत से लटका दिया।

जब पड़ोसियों ने कमरे के भीतर महिला के शव को संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ देखा, तो उन्होंने तुरंत फंदा काटकर उसे नीचे उतारा। इसके उपरांत परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुँचे, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे 'सिम्स' (SIMS) अस्पताल रेफर किया गया। वहाँ डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के उपरांत महिला को मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज

इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग फौरन अस्पताल पहुँचे और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच पुलिस ने मामले को अपने नियंत्रण में लिया और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जब विधिक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हो गया कि महिला की मृत्यु फांसी पर लटकने से नहीं, बल्कि गला घोंटने के कारण हुई थी।

इसके पश्चात पुलिस ने मृतका के मायके पक्ष और आरोपी ससुराल पक्ष के लोगों से अलग-अलग गहन पूछताछ की। पुलिस की इस सख्त पूछताछ के आगे आरोपी टूट गए और उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस के समक्ष यह खुलासा किया कि पैसों की माँग और निरंतर चल रहे आपसी विवाद के कारण उन्होंने आवेश में आकर महिला के साथ मारपीट की थी और फिर पट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी पति रोहित निर्मलकर (30 वर्ष), देवर मोहित निर्मलकर (25 वर्ष) और सास ठगिया निर्मलकर (60 वर्ष) के विरुद्ध प्रासंगिकी धाराओं के तहत अभियोग पंजीबद्ध किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।