केंद्र सरकार ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी राशन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की एक बड़ी तैयारी कर ली है। इसके तहत अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मिलने वाली खाद्य सब्सिडी सीधे पारंपरिक बैंक खातों के बजाय डिजिटल माध्यम से वितरित की जाएगी, जिससे बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकेगी।
डिजिटल रुपया वॉलेट में आएगी सब्सिडी
इस आधुनिक व्यवस्था के तहत खाद्य सब्सिडी की पूरी राशि पारंपरिक बैंक खाते की जगह सीधे लाभार्थी के डिजिटल रुपया वॉलेट में भेजी जाएगी। इसके बाद उपभोक्ता एक सुरक्षित और आसानी से ट्रैक किए जाने वाले डिजिटल भुगतान तंत्र का उपयोग करके अधिकृत राशन दुकानों से खाद्यान्न की खरीदारी कर सकेंगे।
प्रमुख राज्यों में विस्तार की तैयारी
गुजरात, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में इस तकनीक के सफल परीक्षण के बाद, अब सरकार इसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में लागू करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में आने वाले करीब 78.85 करोड़ लाभार्थियों के बीच हर महीने लगभग 19,000 करोड़ रुपये का खाद्यान्न बांटा जाता है।
इस तरह काम करेगी यह नई डिजिटल व्यवस्था
स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता दुकान पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके भुगतान करेंगे, जिससे दुकानदार का मार्जिन और सरकार का हिस्सा तय खातों में अपने-आप ट्रांसफर हो जाएगा। वहीं, साधारण मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों को एसएमएस के माध्यम से ओटीपी आधारित वाउचर भेजा जाएगा, जिसे दुकानदार द्वारा सिस्टम में दर्ज करते ही लेनदेन पूरा हो जाएगा। इस रियल-टाइम ट्रैकिंग प्रणाली के कारण राशन की कालाबाजारी और फर्जी प्रविष्टियां बनाना पूरी तरह असंभव हो जाएगा।
केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा और उसकी खासियत
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली यह आधिकारिक डिजिटल करेंसी (CBDC) कागजी नोटों और सिक्कों का ही डिजिटल स्वरूप है। यूपीआई सिर्फ बैंक खातों के बीच पैसे ट्रांसफर करने का माध्यम है, जबकि सीबीडीसी अपने आप में डिजिटल नकदी है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी प्रोग्रामेबिलिटी है, जिसका अर्थ है कि सरकार द्वारा जारी यह डिजिटल टोकन केवल और केवल निर्धारित राशन दुकान पर खाद्यान्न खरीदने के लिए ही उपयोग किया जा सकेगा। इसे शराब, मोबाइल रिचार्ज या किसी अन्य गैर-जरूरी काम में खर्च नहीं किया जा सकता है।









