महंगी हुई प्याज, एक सप्ताह में 11% बढ़े भाव; बफर स्टॉक से जल्द घटेंगे दाम

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दक्षिण भारत से खरीफ फसल की आवक में देरी के कारण महाराष्ट्र की सबसे बड़ी लासलगांव मंडी में प्याज की थोक कीमतें उछलकर 35 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई हैं। देर से बुआई होने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे खुदरा बाजार में भी कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।

खुदरा कीमतों में लगातार बढ़ोतरी

उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्याज का औसत खुदरा मूल्य बढ़कर 40.72 रुपये प्रति किलो हो गया है, जबकि कुछ दिन पहले यह 37.20 रुपये प्रति किलो और एक महीने पहले 34.87 रुपये प्रति किलो था। इस महीने कोई बड़ा त्योहार या विवाह सीजन न होने के बावजूद मांग सीमित है, फिर भी कीमतें बढ़ना कृत्रिम संकट की ओर इशारा करता है।

सरकार द्वारा कीमतों पर लगाम कसने की तैयारी

बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और जमाखोरों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाने की योजना बनाई है। सितंबर के पहले सप्ताह से सरकारी बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री शुरू होने की उम्मीद है। यदि जरूरत पड़ी तो स्थिति को संभालने के लिए इस स्टॉक को तय समय से पहले भी जनता के लिए खोला जा सकता है।