समुद्री व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार, केंद्र ने चार बंदरगाहों को घोषित किया मेगा पोर्ट

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केंद्र सरकार द्वारा देश के समुद्री व्यापार, परिवहन व्यवस्था तथा लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को अधिक सशक्त एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार ने देश के चार प्रमुख बंदरगाहों को आधिकारिक रूप से 'मेगा पोर्ट' के रूप में अधिसूचित किया है। इन चुनिंदा बंदरगाहों में दीनदयाल (कांडला), जवाहरलाल नेहरू (न्हावा शेवा), पारादीप और निजी क्षेत्र के अडानी समूह द्वारा संचालित मुंद्रा पोर्ट को शामिल किया गया है।

राजपत्र अधिसूचना और वैधानिक प्रावधान

केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने एक आधिकारिक राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर इस घोषणा की पुष्टि की है। यह अधिसूचना भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 2025 (27 ऑफ 2025) की उप-धारा (1) के अंतर्गत जारी की गई है। केंद्रीय सरकार ने इस नए अधिनियम के प्रावधानों के तहत 'मेगा पोर्ट' (विशाल बंदरगाह) के रूप में वर्गीकरण के लिए आवश्यक कड़े मानदंडों को अधिसूचित किया था। मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि ये चारों बंदरगाह निर्धारित सभी तकनीकी एवं व्यावसायिक मानदंडों को पूरी तरह से सफलतापूर्वक पूरा करते हैं।

प्रमुख और गैर-प्रमुख बंदरगाहों की वर्तमान स्थिति

उल्लेखनीय है कि दीनदयाल, जवाहरलाल नेहरू और पारादीप बंदरगाह पहले से ही देश के प्रमुख (Major) बंदरगाहों की श्रेणी में शामिल थे। वहीं, मुंद्रा पोर्ट जो कि एक गैर-प्रमुख (Non-Major) बंदरगाह है, उसे भी अब इन निर्धारित मानकों के आधार पर 'मेगा पोर्ट' का विशिष्ट दर्जा प्रदान कर दिया गया है। वर्तमान समय में पूरे भारत में कुल 12 प्रमुख बंदरगाह और 200 से अधिक गैर-प्रमुख बंदरगाह सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।

मेगा पोर्ट का दर्जा दिए जाने के मुख्य उद्देश्य

केंद्र सरकार द्वारा भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 2025 की धारा 73 की उप-धारा (1) के तहत 'मेगा पोर्ट' के वर्गीकरण के लिए विशेष मानदंड तय किए गए हैं। जो बंदरगाह इन पैमानों पर खरे उतरते हैं, उन्हें यह विशिष्ट दर्जा दिया जाता है। यह सामरिक कदम देश के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और वैश्विक व्यापार जगत में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है। बंदरगाहों को यह दर्जा मिलने से वहां बड़े मालवाहक जहाजों की आवाजाही सुगम होगी तथा कुल कार्गो (माल ढुलाई) क्षमता में भारी वृद्धि होने की पूरी उम्मीद है।

भारत के अन्य प्रमुख बंदरगाहों की सूची

देश के कुल 12 प्रमुख बंदरगाहों में दीनदयाल (कांडला) और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट भी शामिल हैं, जिन्हें अब मेगा पोर्ट का उन्नत दर्जा मिल चुका है। इनके अतिरिक्त, महाराष्ट्र का मुंबई पोर्ट, गोवा का मोरमुगाओ, कर्नाटक का न्यू मैंगलोर और केरल का कोचीन बंदरगाह भी देश के अति महत्वपूर्ण प्रमुख बंदरगाहों में गिने जाते हैं। पूर्वी और दक्षिणी तट पर चेन्नई, एन्नोर (कामराजार) और तूतीकोरिन (वी.ओ. चिदंबरनार) भी इस सूची का प्रमुख हिस्सा हैं। इसके साथ ही विशाखापत्तनम, पारादीप और पश्चिम बंगाल स्थित कोलकाता (हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स सहित) भारत के प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।