Trump Effect: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, कच्चे तेल ने पकड़ी रफ्तार

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नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया और अप्रत्याशित बयान के बाद गुरुवार को वैश्विक और घरेलू कमोडिटी बाजारों में एक बड़ा भूचाल आ गया। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच आए इस बड़े बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले बहुमूल्य धातुओं के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। राष्ट्रपति के इस रुख से वैश्विक बाजार से लेकर भारत के घरेलू वायदा बाजार (एमसीएक्स) तक में सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दामों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है।

ट्रंप के बयान से कमोडिटी मार्केट में मची भारी खलबली

वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीतिक गलियारों में आए इस नए मोड़ ने निवेशकों को पूरी तरह चौंका दिया है। अमूमन युद्ध या किसी भी तरह के सैन्य तनाव की स्थिति में निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मानकर उसमें बड़े पैमाने पर निवेश करते हैं, जिससे दाम आसमान छूने लगते हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति के इस नए बयान ने बाजार की धारणा को पूरी तरह उलट दिया, जिससे सटोरियों और बड़े संस्थागत निवेशकों ने कीमती धातुओं में मुनाफावसूली शुरू कर दी। इस अचानक हुई बिकवाली के दबाव के कारण कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी के भाव ताश के पत्तों की तरह बिखर गए।

अंतरराष्ट्रीय कोमेक्स बाजार में सोना दो फीसदी से ज्यादा टूटा

वैश्विक स्तर पर धातुओं के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र कोमेक्स (COMEX) पर गुरुवार को दोपहर करीब ढाई बजे तक सोने की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव देखते ही देखते दो फीसदी यानी अस्सी डॉलर से भी ज्यादा की बड़ी गिरावट के साथ चार हजार पचहत्तर डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कई हफ्तों से लगातार ऊपरी स्तरों पर कारोबार कर रहे सोने के लिए यह गिरावट एक बड़ा करेक्शन है, जो आने वाले दिनों में खुदरा बाजारों में भी कीमतों को काफी नीचे ले आएगा।

चांदी की कीमतों में भी आया साढ़े तीन प्रतिशत का तगड़ा फॉल

सोने की राह पर चलते हुए औद्योगिक और आभूषण क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली चांदी की कीमतों में भी गुरुवार को तगड़ी गिरावट दर्ज की गई। कोमेक्स बाजार में चांदी के दाम करीब साढ़े तीन फीसदी तक लुढ़क गए, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत साठ डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे आ गई। चांदी में आई इस भारी गिरावट का सीधा असर भारत के सर्राफा बाजारों पर भी पड़ने की उम्मीद है, जिससे आम उपभोक्ताओं को आभूषणों की खरीदारी पर बड़ी राहत मिल सकती है।

कच्चे तेल के दामों में उछाल से बढ़ी नई आर्थिक चिंताएं

एक तरफ जहां सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट से आभूषण प्रेमियों और खुदरा खरीदारों ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई अचानक तेजी ने नीति निर्माताओं की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप के बयान के बाद पैदा हुई नई अनिश्चितता के कारण क्रूड ऑयल के दामों में तेज उछाल देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी आने वाले दिनों में भी जारी रहती है, तो इससे आयात लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर देश में परिवहन लागत और आम जरूरत की चीजों की महंगाई पर देखने को मिल सकता है।